झूठी शिकायत कर ब्लैकमेल करने वालों पर सख्ती:सीएम हेल्पलाइन में झूठी शिकायत करने वालों की बनेगी फाइल, कलेक्टरों से मांगी ब्लैकमेलर्स की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार ने अब झूठी शिकायतें कर अधिकारियों-कर्मचारियों को ब्लैकमेल करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए ऐसे लोगों की जानकारी तय फार्मेट में तलब की है। निर्देशों में कहा गया है कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल या अन्य प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग आदतन व झूठी शिकायतें दर्ज कराते हैं, जिनका मकसद केवल दबाव बनाना और ब्लैकमेल करना होता है। ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए अब हर जिले से रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाए। अधिकारी अपनी टिप्पणी के साथ भेजेंगे जानकारी इसके लिए शासन ने एक फार्मेट भी जारी किया है, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, अब तक की गई कुल शिकायतों की संख्या और उसके बारे में अधिकारियों की टिप्पणी दर्ज की जाएगी। यह जानकारी लेवल अधिकारियों की लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठकों में बार-बार यह तथ्य सामने आया है कि कुछ लोग फर्जी शिकायतें कर अफसरों-कर्मचारियों को परेशान करते हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव पहले ही ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे चुके हैं। अब पहली बार सरकार ने बाकायदा आदेश जारी कर कलेक्टरों से रिपोर्ट तलब की है। ग्रामीण विकास भी लिख चुकी हैं चिट्‌ठी प्रमुख सचिव पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग दीपाली रस्तोगी ने मार्च में इसी तरह के मामले में पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि जिला पंचायत सिवनी के द्वारा जानकारी दी गई है कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत के निराकरण के समय कम्प्लैन करने वाले अलग-अलग योजनाओं और विभागों में बार-बार एक ही प्रकार की शिकायतें करते हैं। यह कम्प्लेन ब्लैकमेल किए जाने के लिए की जाती हैं। इसकी पुष्टि इससे होती है कि जब शिकायतों का निराकरण किए जाने के बाद दूरभाष के जरिए शिकायत कर्ता की संतुष्टि के लिए कॉल किया जाता है और शिकायत बंद करने को कहा जाता है तो शिकायत बंद करने के बदले अवैध रूप से राशि मांगी जाती है। सिवनी में इस तरह का एक शिकायत कर्ता सामने आ चुका है जिसके विरुद्ध पुलिस में कम्प्लेन भी हुई है। ऐसी स्थिति की जानकारी दूसरे जिलों से भी समय समय पर आ रही है।
रिकार्डिंग रखने को कहा था प्रमुख सचिव ने
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव रस्तोगी ने कहा है कि ऐसे मामलों को देखते हुए शिकायत कर्ता से किए गए वार्तालाप की रिकार्डिंग पोर्टल में अपलोड करने का विकल्प उपलब्ध होना चाहिए। साथ ही ऐसे शिकायतकर्ताओं द्वारा की जा रही कम्प्लेन टीप के आधार पर ऑटो क्लोज किए जाने का भी प्रावधान किया जाना चाहिए, जिससे सीएम हेल्पलाइन के दुरुपयोग को रोका जा सके। इन मामलों से समझे, क्यों जारी हुआ आदेश केस 1
मैहर जिले के सीएम हेल्पलाइन की शिकायत कटवाने गोशाला के नाम पर शिकायतकर्ता ने दो हजार रुपए की मांग की। महिला कृषि विस्तार अधिकारी से अमरपाटन मौहट के राजेंद्र सिंह ने यह राशि मांगी थी। इस बारे में जानकारी सामने आई कि महिला अधिकारी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी के लिए प्रगतिशील किसानों का एक वॉट्सऐप ग्रुप बना रखा है। इसमें अनावश्यक कमेंट करने पर महिला अधिकारी ने किसान राजेंद्र सिंह को ग्रुप से बाहर कर दिया। इसे अपना अपमान बताते हुए राजेंद्र ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की। वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश पर राजेंद्र को ग्रुप में जोड़ने के बाद महिला अधिकारी ने सॉरी भी लिखा लेकिन राजेंद्र ने शिकायत कटवाने के लिए किसी अन्य द्वारा जमा चालान की राशि का हवाला देकर गोशाला के नाम पर 2000 रुपए मांगे थे। केस -2 सिवनी जिले के शुभम खवासे निवासी शिवालय चौक महामाया वार्ड भैरोगंज ने सीएम हेल्पलाइन में अलग-अलग विभागों से संबंधित 45 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में कीं। इसके बाद शिकायत के आधार पर कर्मचारियों व अफसरों को ब्लैकमेल किया। खवासे द्वारा शिकायत का निराकरण करने के बाद संतुष्टि के लिए किए जाने वाले कॉल के दौरान संबंधित कर्मचारियों से शिकायत वापस लेने के बदले पैसे की मांग की जाती रही। इसकी शिकायत सिवनी कोतवाली पुलिस को सौंपी गई। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने इसका जिक्र लोक सेवा प्रबंधन के एसीएस को लिखे पत्र में किया था और कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई की स्थिति साफ की जानी चाहिए।

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