मुख्यमंत्री निवास में किसान सम्मेलन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की सुबह मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित किसान सम्मेलन में किसानों के बीच उनसे उनके हित की बात करेंगे। किसानों से संवाद में मुख्यमंत्री राज्य सरकार द्वारा कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के विकास की दिशा में उठाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी कदमों और नवाचारों पर भी प्रकाश डालेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के साथ धनतेरस और दीपावली पर्व की शुरुआत करेंगे। किसान भाई सोयाबीन की फसल को भावांतर योजना के दायरे में लाने की युगांतकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव का आभार भी व्यक्त करेंगे। इस किसान सम्मेलन में नर्मदापुरम, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन और विदिशा जिलों के करीब 2500 से अधिक प्रगतिशील किसान शामिल होंगे।
किसान सम्मेलन का उद्देश्य प्रदेश के किसानों को भावांतर भुगतान योजना की जानकारी देना और उन्हें योजना का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी किसानों को योजना की प्रक्रिया, पात्रता तथा लाभ वितरण से संबंधित विस्तृत जानकारी देंगे। भावांतर योजना के तहत प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक अपनी फसल कृषि उपज मंडियों में विक्रय कर सकेंगे। राज्य सरकार द्वारा योजना में पात्र किसानों के आधार लिंक बैंक खातों में भावांतर की राशि फसल विक्रय के 15 दिन के भीतर सीधे जमा कर दी जाएगी। ई-उपार्जन पोर्टल पर भावांतर योजना के लिए किसानों का पंजीयन कार्य 17 अक्टूबर तक पूरा किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान इस योजना का लाभ पाने से वंचित न रहे।
किसान सम्मेलन के मुख्य आकर्षण
- भावांतर योजना की विस्तृत जानकारी और प्रशिक्षण।
- मुख्यमंत्री द्वारा किसानों से सीधा संवाद।
- कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन।
किसान सम्मेलन में सरकार द्वारा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की जानकारी भी दी जाएगी।
