गंगा सस्टेनेबिलिटी रन 4.0 : ऋषिकेश में गंगा तट पर धावकों का महासंगम संपन्न डॉ. राजेश सर्वज्ञ
गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ भारत का संदेश लेकर धावकों ने तय की एम्स से नीलकंठ महादेव तक की दूरी: तन्मय चक्रवर्ती
हिमालय की गोद में बहती पवित्र गंगा के तट पर आज प्रातः “गंगा सस्टेनेबिलिटी रन : ऋषिकेश 2025” का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।एम्स मैदान ऋषिकेश से आरंभ हुई यह दौड़ “Run for the River, Run for the Planet” के संदेश के साथ आयोजित की गई।
इस भव्य आयोजन में देश-विदेश से आए लगभग हजार धावकों ने भाग लिया।
गंगा, पर्यावरण और स्वस्थ भारत का संदेश
यह आयोजन गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज के आशीर्वाद से हुआ, जबकि डॉ. राकेश मिश्र ने प्रातः 6:30 बजे और 7:00 बजे एम्स परिसर से धावकों को ध्वज दिखाकर रवाना किया। धावकों ने एम्स ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव तक की दूरी तय की।
चार श्रेणियों में हुई प्रतिस्पर्धा:
इस दौड़ को चार वर्गों में विभाजित किया गया:
1️⃣ 50 किमी
2️⃣ 35 किमी
3️⃣ 21.1 किमी (हाफ मैराथन)
4️⃣ 10 किमी
प्रतिभागियों ने गंगा तटवर्ती मार्ग, हिमालयी जंगलों, झरनों और पहाड़ी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर मार्ग पर दौड़ का आनंद लिया।
अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त आयोजन:
यह रन Athletic Federation of India (AFI) से अनुमोदित,
World Athletics एवं AIMS द्वारा मापित, तथा Road Runners Club of America (RRCA) से प्रमाणित रेस डायरेक्टर द्वारा आयोजित किया गया।
दौड़ के अंत में धावकों ने पवित्र गंगा में स्नान का अद्भुत अनुभव प्राप्त किया।
योग, आध्यात्म और पर्यावरण का संगम:
शनिवार सायं सभी धावक परमार्थ निकेतन पहुँचे, जहाँ उन्होंने परम पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में गंगा आरती में सहभागिता की। यह आयोजन ऋषिकेश में खेल, पर्यटन, अध्यात्म और पर्यावरण चेतना का अद्वितीय संगम बन गया।
पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास का योगदान:
इस आयोजन का मुख्य सहयोग पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास, सतना (म.प्र.) ने किया।जो देशभर में सामाजिक सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, खेलकूद एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय है।
आयोजक विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन, मुंबई के अध्यक्ष डॉ. राजेश सर्वज्ञ ने “गंगा सस्टेनेबिलिटी रन” के माध्यम से गंगा स्वच्छता एवं पर्यावरण चेतना का संदेश पूरे देश में फैलाने का बीड़ा उठाया है।
डॉ. राकेश मिश्र का संबोधन:
“ऐसे आयोजन भारत के सम्मान और पर्यावरण चेतना को नई दिशा देते हैं”
डॉ. राकेश मिश्र, राष्ट्रीय अध्यक्ष – इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन
एवं पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास, सतना (म.प्र.) ने अपने संबोधन में कहा कि:
“विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन द्वारा उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष में आयोजित यह मैराथन विशेष महत्व रखती है।
डॉ. राजेश सर्वज्ञ जी सदैव खिलाड़ियों, युवाओं और पर्यावरण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने गंगा और यमुना की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरित यह फाउंडेशन वास्तव में युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की मुख्यधारा से जोड़ रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस आयोजन से भारत का सम्मान और विश्वास दोनों बढ़े हैं। धावकों को खेल भावना के साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित होना चाहिए।
राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुज़रने वाली इस मैराथन में पर्यावरणीय नियमों का पालन एक अनुकरणीय उदाहरण है।
“हर खिलाड़ी जब गंगा तट पर दौड़ता है, तो वह केवल मैडल नहीं जीतता, बल्कि धरती को बचाने की दौड़ में एक कदम आगे बढ़ाता है,”
कहा डॉ. राकेश मिश्र ने।
महिला पुरुष धावकों को मिला सम्मान:
मैराथन की समाप्ति के बाद परमार्थ निकेतन, गंगा तट पर आयोजित समारोह में सभी प्रतिभागियों को मैडल एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, प्रेरणादायी और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। गंगा सस्टेनेबिलिटी रन 4.0 : ऋषिकेश में गंगा तट पर धावकों का महासंगम संपन्न:डॉ. राजेश सर्वज्ञ
“गंगा सस्टेनेबिलिटी रन” के माध्यम से गंगा स्वच्छता एवं पर्यावरण चेतना का संदेश :डॉ. राकेश मिश्र
गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ भारत का संदेश लेकर धावकों ने तय की एम्स से नीलकंठ महादेव तक की दूरी: तन्मय चक्रवर्ती
ऋषिकेश, 9 नवम्बर 2025। हिमालय की गोद में बहती पवित्र गंगा के तट पर आज प्रातः “गंगा सस्टेनेबिलिटी रन : ऋषिकेश 2025” का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।एम्स मैदान ऋषिकेश से आरंभ हुई यह दौड़ “Run for the River, Run for the Planet” के संदेश के साथ आयोजित की गई।
इस भव्य आयोजन में देश-विदेश से आए लगभग हजार धावकों ने भाग लिया।
गंगा, पर्यावरण और स्वस्थ भारत का संदेश
यह आयोजन गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज के आशीर्वाद से हुआ, जबकि डॉ. राकेश मिश्र ने प्रातः 6:30 बजे और 7:00 बजे एम्स परिसर से धावकों को ध्वज दिखाकर रवाना किया। धावकों ने एम्स ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव तक की दूरी तय की।
चार श्रेणियों में हुई प्रतिस्पर्धा:
इस दौड़ को चार वर्गों में विभाजित किया गया:
1️⃣ 50 किमी
2️⃣ 35 किमी
3️⃣ 21.1 किमी (हाफ मैराथन)
4️⃣ 10 किमी
प्रतिभागियों ने गंगा तटवर्ती मार्ग, हिमालयी जंगलों, झरनों और पहाड़ी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर मार्ग पर दौड़ का आनंद लिया।
अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त आयोजन:
यह रन Athletic Federation of India (AFI) से अनुमोदित,
World Athletics एवं AIMS द्वारा मापित, तथा Road Runners Club of America (RRCA) से प्रमाणित रेस डायरेक्टर द्वारा आयोजित किया गया। दौड़ के अंत में धावकों ने पवित्र गंगा में स्नान का अद्भुत अनुभव प्राप्त किया।
योग, आध्यात्म और पर्यावरण का संगम:
शनिवार सायं सभी धावक परमार्थ निकेतन पहुँचे, जहाँ उन्होंने परम पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में गंगा आरती में सहभागिता की। यह आयोजन ऋषिकेश में खेल, पर्यटन, अध्यात्म और पर्यावरण चेतना का अद्वितीय संगम बन गया।
पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास का योगदान:
इस आयोजन का मुख्य सहयोग पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास, सतना (म.प्र.) ने किया।जो देशभर में सामाजिक सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, खेलकूद एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय है।
आयोजक विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन, मुंबई के अध्यक्ष डॉ. राजेश सर्वज्ञ ने “गंगा सस्टेनेबिलिटी रन” के माध्यम से गंगा स्वच्छता एवं पर्यावरण चेतना का संदेश पूरे देश में फैलाने का बीड़ा उठाया है।
डॉ. राकेश मिश्र का संबोधन:
“ऐसे आयोजन भारत के सम्मान और पर्यावरण चेतना को नई दिशा देते हैं”
डॉ. राकेश मिश्र, राष्ट्रीय अध्यक्ष – इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन
एवं पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास, सतना (म.प्र.) ने अपने संबोधन में कहा कि:
“विवेकानंद यूथ कनेक्ट फाउंडेशन द्वारा उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष में आयोजित यह मैराथन विशेष महत्व रखती है।
डॉ. राजेश सर्वज्ञ जी सदैव खिलाड़ियों, युवाओं और पर्यावरण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने गंगा और यमुना की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरित यह फाउंडेशन वास्तव में युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की मुख्यधारा से जोड़ रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस आयोजन से भारत का सम्मान और विश्वास दोनों बढ़े हैं। धावकों को खेल भावना के साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित होना चाहिए।
राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुज़रने वाली इस मैराथन में पर्यावरणीय नियमों का पालन एक अनुकरणीय उदाहरण है।
“हर खिलाड़ी जब गंगा तट पर दौड़ता है, तो वह केवल मैडल नहीं जीतता, बल्कि धरती को बचाने की दौड़ में एक कदम आगे बढ़ाता है,”
कहा डॉ. राकेश मिश्र ने।
महिला पुरुष धावकों को मिला सम्मान:
मैराथन की समाप्ति के बाद परमार्थ निकेतन, गंगा तट पर आयोजित समारोह में सभी प्रतिभागियों को मैडल एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, प्रेरणादायी और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
