बांग्लादेश में दीपू चंद्र की हत्या प्लानिंग के साथ हुई:भाई बोला– यहां हर रोज हिंदुओं को मारा जा रहा, ईश निंदा के आरोप गलत

बांग्लादेश में 18 दिसंबर की रात हिंदू युवक दीपू चंद्र दास (25) की हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि उसने इस्लाम का अपमान किया था। अब भारत में दीपू की हत्या में विरोध में जमकर प्रदर्शन हो रहा है। मंगलवार सुबह हिंदू संगठन विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन किया। दैनिक भास्कर ने दीपू चंद्र के परिवार से बात की है। जो राजधानी ढाका से 120 किमी दूर मयमनसिंह शहर में रह रहा है। दीपू के भाई कार्तिक दास ने कहा है कि अगर मेरे भाई ने कुछ गलत किया होता, तो उसका कोई वीडियो जरूर होता। कोई भी वीडियो मौजूद नहीं है। मेरे भाई पर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उसे जानबूझकर मारा गया। कार्तिक ने कहा है कि आजकल तो हर जगह स्मार्टफोन मौजूद हैं, बच्चों तक के पास भी मोबाइल होते हैं, ऐसे में किसी तरह का सबूत न होना बेहद संदिग्ध लगता है। जिसने भी भाई पर हमला किया, उसने जघन्य अपराध किया है। कार्तिक ने कहा- भाई की हत्या प्लानिंग के साथ हुई दैनिक भास्कर ने कार्तिक से जब पूछा कि क्या उनके भाई को पेड़ से लटकाकर मारने और फिर शव जलाने की खबरें सही हैं? तो कार्तिक ने इन्हें सही बताया। दीपू पर फेसबुक के जरिए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी के आरोप पर कार्तिक ने कहा- ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उसने कुछ भी नहीं कहा था। मेरे भाई की हत्या एक साजिश के तहत की गई। मुझे इसके पीछे की सटीक वजह नहीं पता, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि यह प्लानिंग के हत्या की गई थी। कार्तिक का कहना- बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा कार्तिक से सवाल किया कि क्या इस तरह की घटनाओं में केवल हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है? इस पर कार्तिक दास ने कहा- मेरे भाई को पीट-पीटकर मार दिया गया, लेकिन कोई सबूत नहीं, कोई प्रमाण नहीं, कोई वीडियो नहीं है। मैं क्या कहूं, यह बांग्लादेश के कई हिस्सों में लगातार हो रहा है। शुक्रवार, शनिवार, रविवार, लगभग हर दिन यहां हिंदुओं की हत्या हो रही है। जानिए 18 दिसंबर को क्या हुआ था 18 दिसंबर की रात दीपू चंद्र की ईशनिंदा के आरोप में ढाका के पास भालुका में हत्या की गई थी। वो यहीं के कपड़ा कारखाने में काम करते थे। दावा था कि उसने फेसबुक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी की थी, लेकिन जांच में ऐसी किसी टिप्पणी के सबूत नहीं मिले। बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन के कंपनी कमांडर मोहम्मद शम्सुज्जमान ने बांग्लादेशी अखबार ‘द डेली स्टार’ को बताया था कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह कहा जा सके कि दास ने फेसबुक पर कुछ ऐसा लिखा था, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती थीं। दीपू के हत्या के मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शम्सुज्जमान ने बताया कि स्थानीय लोगों और कपड़ा कारखाने में दास के साथ काम करने वालों से भी ईशनिंदा करने से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली है। ………………… बांग्लादेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारत में वीजा सर्विस रोकी:सुरक्षा का हवाला दिया; कहा- हादी हत्याकांड के आरोपी के भारत भागने की जानकारी नहीं बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारत में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने सभी वीजा और काउंसलर सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रोक अगले आदेश तक लागू रहेगी। इससे पहले अगरतला में बांग्लादेश कॉन्सुलेट भी वीजा सर्विस पर रोक लगा चुका है। यह फैसला शनिवार को हाई कमीशन के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

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