अल्बानिया- भ्रष्टाचार रोकने के लिए बनीं AI मंत्री पर शक:बनाने वाली एजेंसी के दो अफसर हाउस अरेस्ट; सरकारी ठेकों के बदले रिश्वत लेने का आरोप

अल्बानिया ने साल 2025 में दुनिया की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री ‘डिएला’ बनाया था, जिसका मकसद देश में फैली भ्रष्टाचार को कम करना था। हालांकि अब एक बड़ा विवाद सामने आया है डिएला को बनाने वाली नेशनल इंफॉर्मेशन एजेंसी (AKSHI) के दो प्रमुख अधिकारी खुद भ्रष्टाचार के आरोप में फंस गए हैं। नेशनल इंफॉर्मेशन एजेंसी की डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर को हाउस अरेस्ट किया गया है। उन्हें ठेकों में धमकी देकर हेरफेर करने, रिश्वत लेने और क्रिमिनल संगठन से जुड़े होने का आरोप है। यह वही एजेंसी है जो सरकार की डिजिटल व्यवस्था संभालती है। इस पूरे घटनाक्रम ने सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभी तक इन अधिकारियों पर औपचारिक रूप से कोई आरोप तय नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री रामा ने कहा कि वे जांच पूरी होने तक कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। अल्बानिया यूरोपीय यूनियन में शामिल होने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए भ्रष्टाचार पर नियंत्रण जरूरी शर्त है। भ्रष्टाचार के आरोप के बाद सवाल उठने लगे है कि क्या AI को कुछ सबूत छिपाने या हेरफेर करने के लिए डिएला को प्रोग्राम किया जा सकता है। डिएला बोलीं- मैं इंसान नहीं, मेरा कोई स्वार्थ नहीं डिएला एक वर्चुअल अवतार है, जो पारंपरिक अल्बानियाई पोशाक में दिखाई देती है। पिछले साल से डिएला कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में बोल चुकी है और दुनिया भर में AI को सरकारी कामों में इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। सितंबर में अल्बानिया की संसद में वीडियो के जरिए डिएला ने कहा था कि वह इंसान नहीं है, इसलिए उसके पास कोई व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा या स्वार्थ नहीं है। सिर्फ डेटा, ज्ञान और एल्गोरिदम हैं, जो नागरिकों की निष्पक्ष सेवा के लिए समर्पित हैं। उसने कहा था कि भ्रष्टाचार के आरोपों पर उसे दुख हुआ है। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स में लोगों की मदद करती है वर्चुअल अवतार डिएला डिएला नागरिकों को ऑनलाइन सरकारी सेवाएं दिलाने में मदद करती है, जैसे दस्तावेज जारी करना या अपॉइंटमेंट बुक करना। इससे पहले अधिकारियों को रिश्वत देकर काम करवाना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया खत्म हो रही है। जल्द ही डिएला सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स के आवेदनों की जांच करेगी और डेटा के आधार पर तय करेगी कि कौन सा बोलीदाता सबसे योग्य है। इसका काम ऑडिट किया जा सकता है। प्रधानमंत्री रामा ने इसे दीएला (रोशनी) नाम दिया है, ताकि सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता आए। रामा ने कहा कि अल्बानिया ‘दो भाइयों का देश’ है, जहां निष्पक्ष संबंध बनाना मुश्किल है। EU को दिखाने के लिए डिएला का इस्तेमाल कर रही अल्बानिया सरकार यह यूनिट पूर्व राष्ट्रपति, तिराना के मेयर और उप-प्रधानमंत्री बेलिंडा बालुकु (रामा के करीबी) पर भी जांच कर रही है। बालुकु पर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में फंड का गलत इस्तेमाल का आरोप है और विपक्ष उनकी संसदीय इम्युनिटी हटाने की मांग कर रहा है। रामा ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया। भ्रष्टाचार के आरोपों से विरोध बढ़ा है और पिछले महीने प्रदर्शनकारियों ने पैट्रोल बम से हमला किया और सरकार के इस्तीफे की मांग की। रामा ने यूनिट का समर्थन किया, लेकिन कहा कि प्री-ट्रायल डिटेंशन की दर यूरोप में सबसे ज्यादा है, इसलिए संस्था को स्वतंत्र और पेशेवर रहना चाहिए। यूनिट के आंकड़ों के अनुसार, भ्रष्टाचार के मामले डिटेंशन में सिर्फ छोटा हिस्सा हैं। डिएला ने भ्रष्टाचार कितना कम किया, यह मापना मुश्किल है क्योंकि यह रोकथाम पर काम करती है, पता लगाने पर नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रामा के लिए EU को दिखाने का तरीका है कि वे भ्रष्टाचार से लड़ रहे हैं। AI मंत्री डिएला प्रेग्नेंट, 83 बच्चे होने वाले हैं पीएम रामा ने बीते साल अक्टूबर में एक अनोखी और रोचक घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि दुनिया की पहली AI मंत्री डिएला अब प्रेग्नेंट है। उनके 83 बच्चे होने वाले हैं। ये बच्चे वास्तव में डिजिटल असिस्टेंट होंगे, जो अल्बानिया की संसद में सत्तारूढ़ सोशलिस्ट पार्टी के 83 सांसदों की मदद करेंगे। रामा ने यह बात बर्लिन में ग्लोबल डायलॉग फोरम में कही थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “पहली बार डिएला गर्भवती हैं और उनके 83 बच्चे हैं।” ये 83 AI असिस्टेंट संसद की बैठकों में हिस्सा लेंगे, वहां होने वाली हर चर्चा और घटना का रिकॉर्ड रखेंगे। सांसदों को सूचित करेंगे अगर वे किसी सत्र में अनुपस्थित रहें और जरूरत पड़ने पर सुझाव देंगे कि किसी मुद्दे पर कैसे जवाब देना चाहिए या किसकी आलोचना करनी चाहिए। उदाहरण देते हुए रामा ने कहा, “अगर आप कॉफी पीने चले गए और काम पर वापस लौटना भूल गए, तो यह बच्चा आपको बताएगा कि जब आप हॉल में नहीं थे तब क्या कहा गया और आपको किस पर काउंटर-अटैक करना चाहिए।” यह पूरा सिस्टम 2026 के अंत तक पूरी तरह से ऑपरेशनल हो जाएगा। यह अभी विकास के चरण में है। यूरोपीय संघ में शामिल होने की कोशिश कर रहा अल्बानिया अल्बानिया लंबे समय से भ्रष्टाचार की समस्या से जूझ रहा है। यूरोपीय संघ की कई रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अल्बानिया में भ्रष्टाचार सिर्फ निचले स्तर पर नहीं, बल्कि उच्च स्तर तक फैला है। इसमें राजनेता, मंत्री और बड़े अधिकारी शामिल रहे हैं। EU बार-बार कह चुका है कि अगर अल्बानिया 2030 तक EU का सदस्य बनना चाहता है, तो उसे भ्रष्टाचार खत्म करने और न्यायपालिका को मजबूत करने पर तुरंत और ठोस कदम उठाने होंगे। यही वजह है कि रामा सरकार अब AI जैसे नए प्रयोग कर रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दिखा सके कि वे सुधारों के लिए गंभीर हैं। प्रधानमंत्री रामा ने मई 2025 में ऐतिहासिक चौथी बार जनादेश हासिल किया था, जिसके बाद उन्होंने वादा किया कि अल्बानिया 2030 तक यूरोपीय संघ का हिस्सा बनेगा।

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