
मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग ने पुलिस प्रशासन में व्यापक स्तर पर फेरबदल करते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी कर दिए हैं। भोपाल स्थित मंत्रालय से 29 जनवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार कुल 14 वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जारी आदेश के अनुसार
श्री पंकज कुमार श्रीवास्तव (1992 बैच) को विशेष पुलिस महानिदेशक, सीआईडी एवं विशेष पुलिस महानिदेशक, सतर्कता पुलिस मुख्यालय भोपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
श्री अनंत कुमार सिंह (1994 बैच) को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी के बाद विशेष पुलिस महानिदेशक / प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन भोपाल बनाया गया है।
श्री के. पी. वेंकटेश्वर राव (1995 बैच) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, टेक्निकल सेवाएं एवं एंटी नक्सल ऑपरेशन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
श्री उमेश जोगा (1997 बैच) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर नियुक्त किया गया है।
श्री डी. श्रीनिवास वर्मा (1997 बैच) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, नारकोटिक्स पुलिस मुख्यालय भोपाल की जिम्मेदारी दी गई है।
श्री विवेक शर्मा (1998 बैच) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पीटीएसआईडी पुलिस मुख्यालय भोपाल बनाया गया है।
श्री अशुभम यादव (1998 बैच) को संचालक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश नियुक्त किया गया है।
श्री राकेश गुप्ता (1999 बैच) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, उज्जैन जोन की कमान सौंपी गई है।
वहीं पुलिस महानिरीक्षक स्तर पर
श्री अजय सिंह (2002 बैच) को पुलिस महानिरीक्षक (योजना) पुलिस मुख्यालय भोपाल,
श्री हरिनारायण चारि मिश्र (2003 बैच) को पुलिस महानिरीक्षक (एससीआरबी) पुलिस मुख्यालय भोपाल नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा
श्री संजय कुमार (2004 बैच) को पुलिस महानिरीक्षक, नगर पुलिस जिला भोपाल,
श्री संजय तिवारी (2004 बैच) को पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल देहात जोन,
सुश्री नेहा एन. (2006 बैच) को पुलिस महानिरीक्षक, शहडोल जोन,
और श्री ललित शाक्यवार (2008 बैच) को पुलिस महानिरीक्षक, बालाघाट जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी तबादले प्रशासनिक आवश्यकता और जनहित को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह फेरबदल राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
