जनवरी 2026 में GST कलेक्शन 6.2% बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपए के पार निकल गया है। 1 फरवरी को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 में यह आंकड़ा ₹1.82 लाख करोड़ था। सितंबर में घटाई गईं टैक्स दरों के बाद कलेक्शन तीन महीने से लगातार बढ़ रहा है। डोमेस्टिक डिमांड में मजबूती और इम्पोर्ट एक्टिविटी में तेजी की वजह से टैक्स कलेक्शन में यह बढ़त देखने को मिली है। हालांकि, सेस कलेक्शन और रिफंड के मोर्चे पर थोड़ी सुस्ती रही है। वहीं, इम्पोर्ट से कुल ₹52,253 करोड़ का टैक्स मिला, जो पिछले साल से 10.1% ज्यादा है। अप्रैल से जनवरी तक कुल कलेक्शन ₹18.43 लाख करोड़ हुआ वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती 10 महीनों (अप्रैल से जनवरी) का कुल ग्रॉस GST कलेक्शन अब ₹18.43 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इसमें 8.3% की बढ़त दर्ज की गई है। जानकारों का कहना है कि टैक्स नियमों के बेहतर पालन (कंप्लायंस) और देश में बढ़ती खपत की वजह से यह आंकड़ा लगातार मजबूत बना हुआ है। नेट रेवेन्यू ₹1.70 लाख करोड़ रहा, रिफंड 3% घटा जनवरी महीने में रिफंड एडजस्ट करने के बाद सरकार का नेट GST रेवेन्यू ₹1,70,719 करोड़ रहा, जिसमें 7.6% की सालाना ग्रोथ हुई। वहीं रिफंड की बात करें तो इसमें 3.1% की गिरावट आई है और यह ₹22,665 करोड़ रहा। घरेलू रिफंड में 7.1% की कमी आई, जबकि एक्सपोर्ट से जुड़े रिफंड में 2.9% की मामूली बढ़त देखी गई। हरियाणा में 27% की बढ़त, छत्तीसगढ़ में 23% गिरावट टैक्स कलेक्शन के मामले में अलग-अलग राज्यों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। मैन्युफैक्चरिंग हब माने जाने वाले राज्यों में अच्छी बढ़त दिखी। हरियाणा के GST कलेक्शन में सबसे ज्यादा 27% की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, कुछ राज्यों के कलेक्शन में बड़ी गिरावट भी आई है। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा 23% की कमी देखी गई। केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ और पुडुचेरी अव्वल केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में भी उतार-चढ़ाव बना रहा। चंडीगढ़ में GST कलेक्शन 15% और पुडुचेरी में 11% बढ़ा। इसके विपरीत, लक्षद्वीप और लद्दाख जैसे छोटे क्षेत्रों के कलेक्शन में 30% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, देश के बड़े राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश (2%), दिल्ली (3%) और पश्चिम बंगाल (1%) में ग्रोथ काफी धीमी रही। कॉम्पन्सेशन सेस 55% से ज्यादा गिरा जनवरी में कॉम्पन्सेशन सेस कलेक्शन में भारी कमी आई है। यह 55.6% गिरकर ₹5,768 करोड़ रह गया। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रांजिशनल मैकेनिज्म (GST लागू होने के शुरुआती सालों में राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई की व्यवस्था) के धीरे-धीरे खत्म होने के कारण यह गिरावट आई है। सबसे ज्यादा टैक्स कलेक्शन अप्रैल 2025 में रहा सरकार ने अप्रैल 2025 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से 2.37 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। सालाना आधार पर इसमें 12.6% की बढ़ोतरी हुई थी। यह GST कलेक्शन का रिकॉर्ड है। इससे पहले हाईएस्ट जीएसटी कलेक्शन का रिकॉर्ड अप्रैल 2024 में बना था। तब सरकार ने 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था।
जनवरी में GST कलेक्शन 6.2% बढ़कर ₹1.93 लाख करोड़ पार:नेट रेवेन्यू 7.6% बढ़कर ₹1.70 लाख करोड़ हुआ, इम्पोर्ट से 10% बढ़ी कमाई
