पंजाब CM बोले-कस्टम हेड CEC ज्ञानेश कुमार के सगे भाई:मौका मिलते ही बदला लिया; मान 20 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके गए थे

फ्रांस से लौटते वक्त दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग के रोके जाने को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहली बार प्रतिक्रया दी है। सीएम मान ने शुक्रवार को कहा कि मुझे 2 घंटे बैठाकर रखा गया। वह बोल रहे थे कि सामान चेक करना है। सामान में से कुछ नहीं निकला। सीएम से पूछा गया कि क्या वह इसे हैरेसमेंट मानते हैं, इस पर CM मान ने कहा- दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम के हेड मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भाई हैं। उनके सगे भाई मनीष हैं। जब कभी उनको मौका मिलता है, वह बदला ले लेते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री के पास कौन-सा सामान था और किस सामान को लेकर उन्हें रोका गया, इस बारे में आम आदमी पार्टी ने कोई जानकारी नहीं दी है। AAP के दावे के बाद हुआ था खुलासा आम आदमी पार्टी (AAP) ने 20 अक्टूबर को दावा किया था कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन घंटे रोका गया। AAP के मुताबिक, पेरिस से लौटने के बाद अधिकारियों ने मान का 50 हजार रुपए का चालान भी काटा। अधिकारियों ने इसके पीछे ऊपर से बहुत दबाव होने की बात कही। दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने X पर पोस्ट कर कहा था कि जैसे दशहरे पर रावण का घमंड खत्म हुआ था, वैसे ही केंद्र सरकार का अहंकार टूटना चाहिए। मान पेरिस में 17 से 21 अक्टूबर तक चल रहे अंतरराष्ट्रीय फूड ट्रेड एग्जीबिशन SIAL पेरिस 2026 में शामिल हुए थे। AAP नेता का दावा- सामान लोड होने के बाद काटा था चालान पंजाब AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने इस घटना को केंद्र की ओर से मान की विदेश यात्राओं की अनुमति बार-बार रोकने से जोड़ा था। पन्नू ने X पर वीडियो पोस्ट कर कहा था कि अधिकारियों ने शुरू में सामान आने या जांच में देरी का हवाला दिया। जब मुख्यमंत्री मान का सामान उनकी गाड़ी में लोड होने वाला था और वे जाने वाले थे, तभी अधिकारियों ने यह कहते हुए चालान जारी कर दिया कि वे ऊपर से भारी दबाव में हैं। नेता प्रतिपक्ष का दावा- 8-10 बोतलें लेकर आए पंजाब में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, ‘उनसे पूछिए कि जुर्माना किस बात पर लगाया गया। मेरी जानकारी के मुताबिक, मैं आपको पहले भी बता चुका हूं कि एक यात्री दो बोतलें ला सकता है, लेकिन वे 8 से 10 बोतलें लेकर आए थे। इसलिए उन पर जुर्माना लगाया गया। कानून हर व्यक्ति के लिए समान है, चाहे वह मुख्यमंत्री ही क्यों न हो।’ केंद्र ने मान को जाने से मना किया, कोर्ट ने परमिशन दी भारत के विदेश मंत्रालय ने भगवंत मान को कट्टरपंथी गुटों के खतरे का हवाला देते हुए फ्रांस दौरे की इजाजत नहीं दी थी। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र के फैसले को चुनौती दी। तर्क दिया कि दौरा राजनीतिक नहीं, बल्कि राज्य के व्यावसायिक और कृषि हितों को बढ़ाने के लिए है। पंजाब हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को मान को फ्रांस जाने की अनुमति दी। ——————- पंजाब से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पंजाब CM ने शाह से पूछा- 2007 से 2017 तक नशा बढ़ता रहा, तब पंजाब बचाने की याद क्यों नहीं आई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर सवाल उठाए। मान ने 2007 से 2017 तक अकाली दल के साथ रही सरकार, किसान आंदोलन, नशा तस्करी, गैंगस्टरों और पंजाब के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए पूछा कि जब इन मामलों में कार्रवाई की जरूरत थी, तब केंद्र को पंजाब की याद क्यों नहीं आई। पूरी खबर पढ़ें…