अमेरिकी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को पद से हटाने की वजह सामने आई है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने उन्हें पत्रकारों को गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में हटाया था। यह मामला रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान युद्ध से जुड़ा है। सिल्विया ने जांच के दौरान पत्रकारों को गोपनीय जानकारी देने की बात स्वीकार की थी। सिल्विया को 28 अक्टूबर को पद से हटाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2025 से करीब एक साल तक उन्होंने दो अलग-अलग मीडिया संस्थानों के पत्रकारों से संपर्क रखा और उन्हें गोपनीय जानकारी दी। दोनों मीडिया संस्थानों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। लीक हुई जानकारी का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है। अब तक जांच से जुड़ी रिपोर्टों 4 अहम बातें सामने आई हैं: 1. यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य मदद की जानकारी दी: सिल्विया ने एक पत्रकार को गोपनीय सैन्य रिपोर्ट में दर्ज अमेरिका की ओर से यूक्रेन को दी जा रही मदद की जानकारी बताई थी। इसके लिए उन्होंने रिपोर्ट पढ़ते समय बनाए गए नोट्स का इस्तेमाल किया। उन्होंने पत्रकार को ये बातें लिखित दस्तावेज देने के बजाय आमने-सामने मुलाकात में बताई थीं। हालांकि, हथियारों के नाम, उनकी संख्या और सप्लाई से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। 2. ईरान से जुड़े मैसेज की जांच: जांच में एक पत्रकार के साथ सिग्नल ऐप पर हुई बातचीत भी सामने आई। सिल्विया को जून या जुलाई 2026 में पत्रकार का एक मैसेज मिला था। उन्होंने जांच अधिकारियों को बताया कि उन्हें लगा था कि यह मैसेज ईरान से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि उन्हें बातचीत का सही ब्योरा याद नहीं है और मैसेज हटाते समय गलती से पूरी चैट भी डिलीट हो गई थी। अमेरिकी अधिकारियों को शक है कि उन्होंने जानबूझकर बातचीत मिटाई थी। हालांकि, मैसेज में क्या जानकारी थी, इसका खुलासा नहीं हुआ है। 3. यूक्रेन युद्ध पर किताब लिख रहे पत्रकार से दो बार मिले: सिल्विया ने दो अलग-अलग मीडिया संस्थानों के पत्रकारों से संपर्क रखा था। इनमें से एक पत्रकार यूक्रेन युद्ध पर किताब लिख रहा था। सिल्विया उससे दो बार मिले थे। 4. सिग्नल ऐप से बातचीत और बाहर मुलाकात: सिल्विया पत्रकारों से संपर्क के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल करते थे। एक पत्रकार की पेंटागन में एंट्री बंद होने के बाद उन्होंने उससे वर्जीनिया के सिल्वर डाइनर रेस्तरां में मुलाकात की। पॉलीग्राफ टेस्ट में 4 बार फेल हुए, फिर जानकारी देने की बात मानी एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, सिल्विया चार बार पॉलीग्राफ यानी झूठ पकड़ने वाले टेस्ट में फेल हुए थे। इसके बाद उन्होंने वीडियो रिकॉर्डिंग में पत्रकारों को गोपनीय जानकारी देने की बात स्वीकार की। पॉलीग्राफ टेस्ट में व्यक्ति के झूठ बोलने का पता लगाने के लिए उसकी सांस, दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर जैसे बदलावों को मापा जाता है। जांच के दौरान उन्होंने अपना निजी फोन भी अधिकारियों को दिया, ताकि पत्रकारों के साथ हुई बातचीत की जांच की जा सके। हालांकि, पॉलीग्राफ टेस्ट को किसी के झूठ बोलने का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाता। ईरान युद्ध के दौरान हथियारों की कमी की खबरें भी आईं सिल्विया का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान युद्ध में अमेरिकी हथियारों के भंडार और सैन्य तैयारियों को लेकर भी कई जानकारियां मीडिया में आई थीं। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, इन खबरों के बाद सेना के कई अधिकारियों की पॉलीग्राफ जांच कराई गई थी। रॉयटर्स ने 28 अक्टूबर को अमेरिकी सेना के आंतरिक आकलन के हवाले से बताया था कि ईरान युद्ध में इस्तेमाल किए गए हथियारों का भंडार दोबारा भरने में करीब 29 अरब डॉलर खर्च हो सकते हैं। युद्ध पर अमेरिका का कुल खर्च 47 अरब डॉलर से ज्यादा बताया गया था। इसमें हथियारों की भरपाई, सैन्य अभियान और उपकरणों के नुकसान का खर्च शामिल है। पेंटागन ने लीक रोकने के लिए बनाया जांच दल गोपनीय जानकारी मीडिया तक पहुंचाने वाले अधिकारियों की पहचान के लिए पेंटागन ने जुलाई 2026 में अमेरिकी न्याय विभाग के साथ मिलकर एक जांच दल बनाया था। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने लीक करने वालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए अतिरिक्त संसाधन और कर्मचारी लगाने की घोषणा की थी। इससे पहले पेंटागन ने रक्षा मामलों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के लिए प्रवेश और रिपोर्टिंग से जुड़े नियम सख्त किए थे। इसके विरोध में कई पत्रकारों और मीडिया संस्थानों ने अपने प्रेस पास लौटा दिए थे। ———————— यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका के 10 सैन्य विमान इजराइल में उतरे: ट्रम्प की पश्चिम एशिया के टॉप कमांडर से मुलाकात, ईरान पर फिर हमले की तैयारी अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। पिछले एक हफ्ते में उसके 10 से ज्यादा सैन्य मालवाहक विमान दक्षिणी इजराइल के एयरबेस पर उतरे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका ने जानकारी लीक करने वाले अफसर को हटाया:ईरान-यूक्रेन युद्ध से जुड़े गोपनीय दस्तावेज पत्रकारों को दिए; जांच के दौरान जुर्म कबूला