इंदौर के रानीपुरा के कोष्ठी मोहल्ले में हुए हादसे में चौंकाने वाली बात सामने आई है। मकान में बनी एक दुकान के किराएदार ने कुछ दिनों पहले ही उन्हें चेता दिया था, लेकिन मकान मालिक ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मकान के कमजोर होने का एहसास परिवारवालों को भी था, लेकिन उन्हें लगा कि बारिश के कारण ऐसा हुआ। रहवासियों ने बताया कि प्लॉट पहले रोड के बीच में था, कोर्ट केस चला जो मकान मालिक जीत गए थे। इसके बाद नगर निगम ने नपती की और उन्हें ये जगह दी। जगह मिलने के बाद 1999 में मकान का बेसमेंट-गोडाउन और मंजिल बनाई। परिवार बढ़ा तो ऊपर की मंजिल भी बढ़ गई। नीचे का हिस्सा कमजोर होने और पानी भरने के कारण मकान गिरने की बात सामने आई है। किराएदार ने पहले ही कर दिया था सचेत
जिस मकान में ये हादसा हुआ उसमें बनी एक दुकान शशांक गुप्ता ने किराए पर ले रखी थी। पिछले कई सालों से वे उनके किराएदार हैं। उनके व्यापार का सामान यहां रखा हुआ था। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले दुकान से सामान निकालना था, लेकिन शटर नहीं खुल रहा था। शटर वाले को बुलाकर चेक कराया तो उसने बताया कि शटर बैठ रहा है। शटर के बैठने के कारण उन्होंने दुकान में जाने के लिए बने लकड़ी के गेट को नीचे से तोड़ा और दुकान से सामान निकाला। जब उन्हें आशंका हुई कि बिल्डिंग में कुछ दिक्कत है तो उन्होंने दुकान खाली करने का फैसला लिया। शशांक ने आधे से ज्यादा सामान निकालकर शिफ्ट भी कर दिया। थोड़ा सामान बचा था जिसे सोमवार को निकालने वाले थे, लेकिन बारिश की वजह से नहीं निकाल पाए। दुकान खाली करने के पहले उन्होंने सैबुद्दीन (सम्मू बाबा) को बताया था कि बिल्डिंग में कुछ दिक्कत है इसलिए वह दुकान खाली कर रहे हैं। परिवार को लगा बारिश से खिड़की-दरवाजे टाइट हो गए
पार्षद पति अनसाफ अंसारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिली तो पहले भरोसा नहीं हुआ। 1999 में बिल्डिंग के नीचे का स्ट्रक्चर बनाया, जिसमें बेसमेंट, गोडाउन और रहने के लिए मकान बनाया। मोहम्मद उमर (मकान मालिक) के बच्चों की फैमिली सेटल हुई तो ऊपर की मंजिल बना दी। 8 से 10 साल पहले ही ऊपरी मंजिल बनाई थी। जैसे-जैसे परिवार बढ़ा ऊपर की मंजिल बनाते चले गए थे। नीचे की नींव कमजोर थी। बेसमेंट में पानी भरा हुआ था, जगह पोली हो गई थी, अनुमान है कि इसी कारण मकान गिरा है। इसमें न तो नगर निगम को न ही भवन अधिकारी को न ही स्थानीय लोगों को पता था कि ऐसी घटना हो सकती है। परिवार के लोगों से बात हुई तो पता चला कि घर के खिड़की-दरवाजे टाइट हो गए हैं। उन्हें लगा कि बारिश के कारण खिड़की-दरवाजे फूल गए हैं। बाद में बनी मकान की ऊपरी मंजिल
क्षेत्रीय रहवासी मो.इलियास अंसारी ने बताया कि मैं मकान के सामने की तरफ खड़ा था, तभी अचानक मकान भरभरा कर गिर पड़ा। जगह मिलने के बाद पहले नीचे का स्ट्रक्चर बनाया। बाद में ऊपर का स्ट्रक्चर बनाया। बच्चों की शादियों के बाद ऊपरी मंजिल तानी गई थी। संभवत: मकान का नीचे का स्ट्रक्चर कमजोर हो गया था, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ है। 1999 का नक्शा पास है
वार्ड 60 का ये इलाका निगम के जोन 11 में आता है। यहां के जोनल अधिकारी और प्रभारी भवन अधिकारी गीतेश तिवारी ने बताया कि घटना की जांच कराई गई है। इस मकान को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली थी। बेसमेंट कई सालों से बंद था। भाइयों में आपसी विवाद भी था। बेसमेंट में पानी भरा रहता था, जिसके कारण फाउंडेशन कमजोर हो गया, जिससे ये हादसा हुआ है। ये सन् 1999 की बिल्डिंग है। तभी का नक्शा पास है। नए कंस्ट्रक्शन के बारे में जानकारी नहीं थी। बेसमेंट में पानी भरने की शिकायत मिलती तो निगम की टीम ही इसे साफ करा देती, लेकिन किसी ने कोई शिकायत नहीं की। घर के अंदर की स्थिति के बारे में हमें कैसे जानकारी लगेगी। बाहर से ही घर की स्थिति देख सकते हैं। जांच में ये तथ्य सामने आए हैं कि ऊपर का हिस्सा मजबूत था, लेकिन तलघर में पानी के कारण फाउंडेशन कमजोर हो गई थी। पारिवारिक विवाद के कारण इस तरफ ध्यान नहीं दिया। अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया के मुताबिक घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत टीम मौके पर पहुंच गई थी। कोष्ठी मोहल्ला में बने इस मकान की जांच की तो पता चला कि ये पैतृक संपत्ति है। मकान के बेसमेंट में जलभराव और सीपेज की स्थिति थी, तीनों भाइयों में आपस में पारिवारिक विवाद था, जिसके कारण बेसमेंट का मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दिया गया। उससे कारण ये हादसा हुआ। घटनाक्रम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… इंदौर में तीन मंजिला मकान गिरने का VIDEO इंदौर के रानीपुरा में 3 मंजिला मकान हादसे का सीसीटीवी सामने आया है। इसमें साफ देखा जा सकता है कि मकान चंद सेकेंड में भरभराकर गिर गया। गिरने के दौरान चिंगारियां भी निकलीं। आसपास के लोग भागते हुए नजर आए।पूरी खबर पढ़ें…
इंदौर बिल्डिंग हादसा- किराएदार ने चेताया था:बोला- दुकान का शटर धंस रहा था; मकान मालिक के परिवार के साथ फ्लोर भी बढ़ते चले गए
