दिल्ली दंगों के आरोपी खालिद को दिग्विजय ने बताया बेकसूर:पूर्व सीएम ने लिखा- पीएचडी स्कॉलर के साथ बहुत अन्याय हो रहा, तत्काल रिहाई हो

फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए साम्प्रदायिक दंगों के आरोपी उमर खालिद को पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बेकसूर बताया है। पूर्व सीएम ने एक फेसबुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, उमर खालिद बेकसूर है उसके साथ बहुत अन्याय हो रहा है। PhD स्कॉलर है और किसी मापदंड में राष्ट्रद्रोही नहीं है। उसे तत्काल रिहा किया जाना चाहिए।
पहले जानिए कौन है उमर खालिद
उमर खालिद का जन्म 11 अगस्त 1987 को हुआ था। उमर ने जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (JNU) में शोधकर्ता के रूप में पढ़ाई की थी और इतिहास विषय में एमफिल, PhD किया। उमर जेएनयू में छात्र राजनीति से जुड़े रहे। वे JNU में छात्र संगठन Democratic Students’ Union (DSU) से जुड़े थे। उमर खालिद ने नागरिक अधिकारों, अल्पसंख्यक-विवाद, और शिक्षा-संकट जैसे विषयों पर संवाद और आंदोलन किए थे। उमर खालिद पर कई गंभीर आरोप
फरवरी 2020 में दिल्ली के उत्तर-पूर्वी हिस्से में हुए सांप्रदायिक दंगों, जिसमें लगभग 50 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इन दंगों में उमर खालिद भी आरोपी हैं।
उमर खालिद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई जिसमें विभिन्न धाराओं के तहत केस चल रहा है। उमर पर अन लॉ फुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (UAPA)के तहत “उल्लंघनकारी गतिविधियों” का आरोप है। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएं जैसे- दंगा, उग्र हथियार के साथ दंगा, हत्या, हत्या का प्रयत्न, धार्मिक-समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने जैसे आरोपों में मामले दर्ज हैं। 2020 से जेल में बंद उमर खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से वे जेल में हैं और लंबित मुकदमों के कारण उन्हें नियमित जमानत नहीं मिली है। चार्जशीट में इनको बनाया गया है आरोपी दिल्ली दंगों के मुख्य आरोप पत्र में पिंजरा तोड़ की सदस्य और JNU की छात्रा देवांगना कलिता, नताशा नरवाल, जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा और छात्र कार्यकर्ता गुलफिशा फातिमा के नाम हैं। अन्य आरोपियों में पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां, जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी की सदस्य सफूरा जरगर, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, AAP पार्षद ताहिर हुसैन, खालिद सैफी, शादाब अहमद, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहमद सलीम खान और अतहर खान शामिल हैं। इसके अलावा उमर खालिद और शारजील इमाम के खिलाफ नवंबर में आरोप पत्र दिया गया। ये खबर भी पढ़ें… पुलिस बोली-दिल्ली दंगे देश में सत्ता परिवर्तन की साजिश थी 2020 के दिल्ली दंगे कोई अचानक भड़की हिंसा नहीं थे, बल्कि केंद्र में सत्ता परिवर्तन करने की साजिश के तहत किए गए थे। इसका मकसद देश को कमजोर करना था। पुलिस ने यह बात 177 पन्नों के हलफनामे में कही है, जो सुप्रीम कोर्ट में उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर दाखिल किया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

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