अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर दावा किया कि टैरिफ से अरबों डॉलर की कमाई हो रही है। उन्होंने कहा कि इस कमाई से अमीरों को छोड़कर हर अमेरिकी नागरिक को 2,000 डॉलर (करीब 1,7 लाख रुपए) का ‘डिविडेंड’ मिलेगा। ट्रम्प ने पोस्ट में टैरिफ के आलोचकों को ‘मूर्ख’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘टैरिफ के खिलाफ बोलने वाले लोग मूर्ख हैं। हमारी सरकार ने अमेरिका को दुनिया का सबसे अमीर और सम्मानित देश बना दिया है, जहां महंगाई न के बराबर है और शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर पर है।’ हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि ये प्रॉफिट किसे मिलेगा, इसकी पात्रता मानदंड (जैसे आय सीमा क्या होगी?) या समयसीमा पर कोई साफ जानकारी नहीं दी। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा वादा किया। अक्टूबर में उन्होंने 1,000 से 2,000 डॉलर के छूट का संकेत दिया था। ट्रम्प बोले- टैरिफ के कारण व्यवसाय अमेरिका में आ रहे टैरिफ से हो रहे प्रॉफिट के अलावा ट्रम्प ने व्यापार मामलों में राष्ट्रपति के पावर की सीमाओं पर सवाल उठाते हुए गुस्सा जताया। उन्होंने कहा अमेरिका के राष्ट्रपति के पास किसी विदेशी देश के साथ सभी व्यापार को रोकने की अनुमति है, दूसरे देश को लाइसेंस देने की अनुमति है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा- दूसरे देश हम पर टैरिफ लगा सकते हैं, लेकिन हम उनपर नहीं। सिर्फ टैरिफ की वजह से ही व्यवसाय अमेरिका में आ रहे हैं। टैरिफ के बिना हमारे पास कुछ भी नहीं है। क्या सुप्रीम कोर्ट यह नहीं समझता। ट्रम्प का कहना था कि अप्रैल 2025 में घोषित टैरिफ (10% से 50%) अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। व्हाइट हाउस ने तर्क दिया कि 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत राष्ट्रपति को व्यापार कंट्रोल करने की शक्ति है, जिसमें टैरिफ लगाना शामिल है। सॉलिसिटर जनरल जॉन सावर ने चेतावनी दी कि अगर ये नीति रद्द हुई तो आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा नुकसान हो सकता है। ट्रेजरी सेक्रेटरी बोली- हमारा फोकस कर्ज चुकाने पर है ट्रम्प के दावों पर अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेन्ट ने ABC न्यूज को दिए इंटरव्यू में सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी ट्रम्प से इस डिविडेंड पर चर्चा नहीं हुई है। लेकिन शायद यह राशि टैक्स में कटौती के रूप में आ सकती है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बेसेन्ट का फोकस कर्ज चुकाने पर है, न कि डायरेक्ट चेक बांटने पर। अगस्त में उन्होंने CNBC को बताया था कि टैरिफ राजस्व से 38.12 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज को कम किया जाएगा। रिपोर्ट- ट्रम्प का प्लान कर्ज बढ़ा सकता है ट्रेजरी डिपार्टमेंट के सितंबर के बयान के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2025 में टैरिफ से केवल 195 अरब डॉलर की आय हुई। अगर 2,000 डॉलर प्रति व्यक्ति (लगभग 25 करोड़ गैर-अमीर अमेरिकियों को) बांटे जाएं, तो लागत करीब 500 अरब डॉलर होगी जो मौजूदा आय से कहीं ज्यादा। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह योजना कर्ज कम करने के बजाय उसे बढ़ा सकती है।
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