अमेरिका भारत को 100 जेवलिन मिसाइल सिस्टम (FGM-148) और 216 एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल स्मार्ट तोपगोला (M982A1) बेचेगा। इनके लिए दोनों देशों के बीच में 92.8 मिलियन डॉलर (करीब 775 करोड़ रुपए) की डील हुई है। अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने बुधवार को बताया कि इस बिक्री के लिए जरूरी मंजूरी और डिटेल्स अमेरिकी संसद कांग्रेस को भेज दी गई है। DSCA ने कहा- हथियार भारत को मौजूदा और भविष्य के खतरों से निपटने में मदद करेंगे। FGM-148 जेवलिन एक पोर्टेबल एंटी-टैंक मिसाइल है। इसे टैंकों, बख्तरबंद वाहनों, बंकरों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है। मिसाइल टारगेट की गर्मी (हीट सिग्नेचर) पहचानकर उसपर हमला करती है। इसकी 2500 मीटर रेंज है। धुएं, धूल या खराब मौसम में भी टारगेट को तबाह करने में सक्षम है। M982A1 GPS-गाइडेड स्मार्ट गोला है। यह स्मार्ट बम की तरह काम करता है, लेकिन तोप से छोड़ा जाता है। सामान्य तोप रेंज 15-20 km तक होती है, लेकिन एक्सकैलिबर 40-50 किलोमीटर दूर तक सटीक निशाना लगा सकता है। भारत को 2 पैकेज में हथियार मिलेंगे… पहला पैकेज: जेवलिन मिसाइल, कीमत: 45.7 मिलियन डॉलर दूसरा पैकेज: एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल, कीमत: 47.1 मिलियन डॉलर DSCA बोला- हथियारों से भारत की रक्षा क्षमता मजबूत होगी डील को मंजूरी देते हुए DSCA ने कहा कि यह बिक्री भारत जैसे महत्वपूर्ण रक्षा साझेदार की सुरक्षा को और मजबूत करेगी। इससे भारत की वर्तमान और भविष्य की खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही बताया कि हथियार भारत की होमलैंड सिक्योरिटी को मजबूत करेगी और क्षेत्रीय खतरों को रोकने में मदद करेगी। भारत के लिए इन उपकरणों को अपनी सेना में शामिल करना आसान होगा। इससे दक्षिण एशिया और इंडो-पैसिफिक एरिया में सैन्य संतुलन नहीं बदलेगा। अमेरिकी रक्षा तैयारियों पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। 31 अक्टूबर: भारत-अमेरिका में 10 साल का डिफेंस एग्रीमेंट हुआ था भारत और अमेरिका ने 31 अक्टूबर को एक नया 10 साल का रक्षा (डिफेंस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट) समझौता किया। इसका मतलब है कि आने वाले 10 सालों तक दोनों देश मिलकर अपनी सेनाओं, रक्षा उद्योग और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेंगे। इसके तहत अमेरिका, भारत से एडवांस टेक्नोलॉजी शेयर करेगा, जिससे एडवांस ड्रोन और AI हथियारों पर जॉइंट रिसर्च में मदद मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें… ——————————– ये खबर भी पढ़ें… भारत को SU-57 जेट देने को तैयार रूस, बिना शर्त तकनीक ट्रांसफर भी करेगा रूस, भारत को Su-57 स्टेल्थ फाइटर जेट्स देने के लिए तैयार हो गया है। दुबई एयर शो में रूसी कंपनी रॉस्टेक के CEO सेर्गेई केमेजोव ने कहा कि वे इन फाइटर जेट्स की तकनीक भी बिना शर्त ट्रांसफर करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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