उदयनिधि स्टालिन बोले- संस्कृत मरी हुई भाषा:मोदी को तमिल की चिंता तो हिंदी क्यों थोप रहे; BJP बोली- तमिल में भी संस्कृत के कई शब्द

तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने संस्कृत भाषा को लेकर विवादित बयान दिया है। DMK लीडर ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की आलोचन करते हुए कहा कि तमिल डेवलपमेंट के लिए सिर्फ 150 करोड़ रुपए दिए जाते हैं। जबकि संस्कृत जो एक मरी हुई भाषा है, उसे 2400 करोड़ रुपए मिलते हैं। स्टालिन ने पीएम मोदी पर तमिल की उपेक्षा करने और संस्कृत-हिंदी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि PM मोदी ने कोयंबटूर में बचपन में तमिल न सीख पाने पर अफसोस जताया। एक तरफ तो वे ऐसे दिखा रहे हैं जैसे उन्हें तमिल भाषा की परवाह है, दूसरी तरफ वे हिंदी और संस्कृत थोपने की कोशिश कर रहे हैं। जब आप तमिल सीखने के लिए इतने बेताब हैं, तो बच्चों को हिंदी और संस्कृत क्यों पढ़ा रहे हैं? उनके बयान पर भाजपा ने नाराजगी जताई है। BJP लीडर तमिलिसाई सौंदरराजन ने कहा कि किसी को भी किसी भी भाषा को मरी हुई कहने का हक नहीं है, खासकर उस भाषा को जो आज भी पूरे देश में पूजा-पाठ और रीति-रिवाजों में इस्तेमाल होती है। भाषा विवाद पर स्टालिन के पिछले 2 बयान 19 फरवरी: केंद्र लैंग्वेज वॉर शुरू न करे, जो हिंदी अपनाते हैं, वे मातृभाषा खो देते हैं तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि ने 19 फरवरी को कहा था कि जो राज्य हिंदी को स्वीकार करते हैं, वे अपनी मातृभाषा खो देते हैं। केंद्र लैंग्वेज वॉर शुरू न करें। इस बयान के बाद राज्य में सत्तारूढ़ DMK और बीजेपी के बीच केंद्र की ट्राई लैंग्वेज नीति और हिंदी को थोपने को लेकर बहस तेज हो गई है। 12 मार्च: जल्द बच्चे पैदा करें और उनके नाम तमिल में रखें, हिंदी में नहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बाद उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने राज्य के लोगों से जल्द से जल्द बच्चे पैदा करने की अपील की है। साथ ही बच्चों के नाम हिंदी के बजाय तमिल में रखने को कहा है। उदयनिधि ने कहा- हमने राज्य की जनसंख्या नियंत्रित की लेकिन अब हमें इससे समस्या हो रही है। उदयनिधि स्टालिन के अन्य विवादित बयान ———————————- ये खबर भी पढ़ें… स्टालिन ने कहा- मुझे ईसाई होने पर गर्व, पिछले साल ऐसा कहा तो RSS के लोग चिढ़ गए थे तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कोयंबटूर में क्रिसमस सेलिब्रेशन में कहा था कि मुझे ईसाई होने पर गर्व है। मैंने पिछले साल ऐसा कहा था तो कई संघी इससे चिढ़ गए थे। लेकिन आज मैं फिर इसे दोहरा रहा हूं। मैं सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व करता हूं। पूरी खबर पढ़ें…

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