पश्चिम बंगाल में पुजारियों–मुअज्जिनों का मानदेय ₹500 बढ़ा:अब हर महीने ₹2000 मिलेंगे; चुनाव के ऐलान से सवा घंटे पहले ममता का ट्वीट

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा से सवा घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुजारियों और मुअज्जिनों (अजान के लिए आवाज देने वाला) के मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी की है। इन्हें अब हर महीने 2 हजार रुपए मिलेंगे। सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को बकाया डीए मार्च से देने का ऐलान किया। राज्य में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। 4 मई को रिजल्ट आएगा। ममता बोलीं- बंगाल में हर समुदाय और परम्परा को महत्व दिया जाता है सीएम ममता ने रविवार दोपहर X पोस्ट में लिखा- पुजारी और मुअज्जिन समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार ने मानदेय योजना के तहत पुजारियों और मुअज्जिनों की सभी नई आवेदनों को भी मंजूरी दे दी है। ममता ने लिखा कि हम ऐसा माहौल बनाने पर गर्व करते हैं, जहां हर समुदाय और परम्परा को महत्व दिया जाता है और मजबूत किया जाता है। हमारा प्रयास है कि हमारी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के संरक्षकों को उचित सम्मान और समर्थन मिले। राज्यों कर्मचारियों को बकाया डीए मार्च 2026 से मिलेगा सीएम ममता ने ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों से किया गया वादा पूरा करते हुए ROPA 2009 के तहत महंगाई भत्ते (DA) के बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य सरकार के कर्मचारी और पेंशनर, शैक्षणिक संस्थानों के लाखों शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारी, साथ ही पंचायत, नगरपालिकाओं और अन्य स्थानीय निकायों जैसे अनुदानित संस्थानों के कर्मचारी और पेंशनर को इस फैसला का लाभा मिलेगा। उन्होंने बताया कि ROPA 2009 के DA का बकाया भुगतान मार्च 2026 से शुरू होगा। इसके लिए राज्य के वित्त विभाग की ओर से विस्तृत अधिसूचनाएं जारी कर दी गई हैं, जिनमें भुगतान की प्रक्रिया और नियम तय किए गए हैं। पश्चिम बंगाल SIR- फाइनल लिस्ट में 7.04 करोड़ से ज्यादा वोटर पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 1 मार्च को फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हुई थी। इसमें वोटर 7.66 करोड़ से घटकर 7,04,59,284 रह गए हैं। यानी SIR से अब तक 63.66 लाख नाम हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का 8.3% है। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटे थे। CEO ने कहा- 60 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम की जांच अभी भी जारी है। हालांकि उन्हें नई वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है। बाद में इन नामों पर फैसले के बाद लिस्ट में बदलाव हो सकता है। 2021 चुनाव में 294 में 166 सीटों पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। इनमें टीएमसी ने 102, भाजपा ने 64 सीटें जीती थीं। 5,000 से कम अंतर वाली 36 सीटों में भाजपा 22, टीएमसी 13 जीती। ऐसे में एक-एक वोट अहम है। हालांकि 25 हजार से ज्यादा अंतर वाली 111 में 108, 50 हजार से ज्यादा अंतर वाली 43 सीटें टीएमसी जीती थी। पूरी खबर पढ़ें… …………………… पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग:तमिलनाडु में 23 अप्रैल, असम-केरल-पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग; नतीजे 4 मई को चुनाव आयोग ने रविवार को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया। बंगाल में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। तीन राज्य केरल, असम और पुडुचेरी में सिंगल फेज यानी 9 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं तमिलनाडु में सिंगल फेज में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पांचों राज्यों का रिजल्ट 4 मई को आएगा। पूरी खबर पढ़ें… कोलकाता- मोदी की रैली से पहले भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प: ममता की मंत्री बोलीं- मुझे ईंट मारी गई; PM बोले– जंगलराज वालों का काउंटडाउन शुरू 14 मार्च को कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं में विवाद हुआ था। गिरीश पार्क एरिया में दोनों ग्रुप ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी की थी। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा था। पश्चिम बंगाल में उद्योग, वाणिज्य और उद्यम मंत्री शशि पंजा ने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान मुझ पर ईंट मारी गई। भाजपा गुंडा नहीं है, हत्यारी है। पूरी खबर पढ़ें…

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