भूतो न भविष्यति” होगा सिहंस्थ 2028 का वैभव

“भूतो न भविष्यति” होगा सिहंस्थ 2028 का वैभव

गीता भवन, विक्रम नगर आरओबी का हुआ भूमि-पूजन

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य और उज्जैन में हुआ 663 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

उज्जैन शहर और आसपास के क्षेत्र में 11 नई सड़कों का होगा निर्माण



सिंहस्थ-2028 का वैभव इस बार ” भूतो न भविष्यति” होगा। राज्य सरकार के प्रयासों को भारत सरकार का साथ मिल रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने 3 हजार 839 करोड़ की लागत से NH- 752 D के बदनावर- पेटलावद थांदला खंड को फोर लेन करने की जो स्वीकृति दी है, वह इस बात का प्रमाण है कि केंद्र और राज्य मिलकर सिंहस्थ को अविस्मरणीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

यह कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधे जोड़कर विकास की नई धुरी बनेगा। राज्य सरकार ने सिहंस्थ का महापर्व की भव्यता और जन सुविधाओं के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपए के कार्यें की ऐतिहासिक स्वीकृति दी है। 2026-27 में सिहंस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान रखा है, यह उज्जैन के भविष्य को बदलने का रोडमेप है। हम उज्जैन को सुविधा और शुचिता का ऐसा मॉडल बनाएंगे कि पूरी दुनिया देखेगी कि कैसे एक आध्यात्मिक नगरी आधुनिकता के साथ कदम से कदम मिलाकर चलती है। मुख्यमंत्री गीता भवन सहित अन्य विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, हिन्दू नववर्ष की पावन बेला में उज्जैन को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है।

सिंहस्थ-2028 विकास कार्यों को समर्पित है, जो तय सीमा में पूर्ण होंगे। उज्जैन को 662 करोड़ 46 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी है। आज 77 करोड़ 14 लाख की लागत से गीता भवन की आधारशिला रखी गई है। इसके साथ ही 30 करोड़ 68 लाख की लागत से विक्रम नगर रेलवे ओवर ब्रिज का भूमिपूजन किया गया। 11 सड़क निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया।

किसान कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग ने सवा साल में श्रेष्ठ कार्य करते हुए 25 प्रशितक दूध उत्पादन बढ़ाया है। सभी पशुपालक इसके लिए बधाई के पात्र हैं। किसानों को 5 से 8 रुपए लीटर अधिक मूल्य का लाभ मिला है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जरूरी बदलाव किए गए हैं। स्कूली बच्चों को आने-जाने के लिए साइकिलें, ड्रेस, किताबें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। टॉपर बच्चों को स्कूटी, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप की सौगात मिल रही है। अब प्रदेश के बच्चों को स्कूलों में नि:शुल्क दूध के पैकेट मिलेंगे। इसके लिए माता यशोदा के नाम से नई योजना की शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन वह नगरी है, जहां सबसे पहले विक्रम विश्वविद्यालय खुला था। सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली अतीत को जीवंत करते हुए आज दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ है। उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण ने 64 कला और 14 विद्याओं का अध्ययन किया। श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता उज्जैन की पावन धरा से प्रारंभ हुई थी। भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मवाद के मार्ग पर आगे बढ़कर महाभारत के युद्ध में पवित्र गीता का उपदेश अर्जुन को दिया था। पवित्र गीता दुनिया में सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला ग्रंथ है। प्रदेश के नगरीय निकायों में गीता भगवन, गांवों में आदर्श ग्राम, वृंदावन ग्राम बनाए जा रहे हैं। सूरज मेहता न्यूज़

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