CMO ने अपनी विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव की कृषि भूमि में कोई वृद्धि नहीं हुई है और उनकी अधिकांश संपत्तियां पहले से सार्वजनिक रिकॉर्ड और चुनावी शपथ पत्र में दर्ज हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि मुख्यमंत्री के परिजनों के स्वतंत्र व्यावसायिक और निजी लेन-देन को मुख्यमंत्री से जोड़कर पेश करना तथ्यात्मक रूप से गलत है तथा कुछ रिपोर्टों के जरिए भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया गया है।
CMO के अनुसार, उपलब्ध दस्तावेज और सार्वजनिक रिकॉर्ड स्पष्ट करते हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई तथ्य नहीं है और यह राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रयास प्रतीत होता है।
