पंजाब- सिद्धू स्टाइल में कांग्रेस पर प्रेशर बना रहे चन्नी:हाईकमान का फैसला रिजेक्ट, 7 दिन में बदलवाएंगे; 3 एक्सपर्ट से जानिए फायदे-नुकसान

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से 8 महीने पहले कांग्रेस 2 गुटों में बंट गई है। सांसद अमरिंदर राजा वड़िंग को प्रधान बनाए रखने पर पूर्व CM चरणजीत चन्नी ने कांग्रेस हाईकमान को तीखे तेवर दिखाए। शुक्रवार को अपने घर मोरिंडा में 50 से ज्यादा नेता इकट्‌ठे कर हाईकमान का फैसला रिजेक्ट कर दिया। चन्नी गुट ने कहा कि एक हफ्ते के बाद वह हाईकमान से मुलाकात करेंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे। चन्नी इस वक्त ठीक उसी स्टाइल में पार्टी हाईकमान पर प्रेशर बना रहे हैं, जैसे नवजोत सिद्धू ने प्रधान रहते 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को CM की कुर्सी से हटवा दिया था। हालांकि उसके बाद सिद्धू की जगह चन्नी सीएम बन गए। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि चन्नी के इस स्टैप से कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी सड़क पर आ गई है। अब वह हाईकमान पर प्रेशर बनाने में कामयाब होते हैं या नहीं, लेकिन इसका खामियाजा कांग्रेस को विधानसभा चुनाव 2027 में झेलना ही पड़ेगा। इसे देखते हुए कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल भी आज चंडीगढ़ आ सकते हैं। 3 पॉलिटिकल एक्सपर्ट से जानिए, चन्नी के फैसले से कांग्रेस को क्या फायदा और नुकसान होगा… पॉलिटिकल एक्सपर्ट बोले- चन्नी के फैसले से बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें… चरणजीत चन्नी की दावेदारी के तीन मजबूत पक्ष… राहुल गांधी की धमकी भी बेअसर
राहुल गांधी की धमकी भी पंजाब कांग्रेस के नेताओं पर बेसर रही। लुधियाना के रायकोट में रैली के दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं को साफ कह दिया था कि पार्टी से बड़ा कोई नहीं है। जिसे यह अहंकार है तो वह अपने बारे में सोच ले। राहुल गांधी की सख्त टिप्पणी के बाद भी पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म नहीं हुई। दिल्ली में नेतृत्व परिवर्तन की मीटिंग होने के बाद एक दिन चंडीगढ़ में चरणजीत सिंह चन्नी, राजा वडिंग व सुखजिंदर सिंह रंधावा एक मंच पर दिखे। तब कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी हाईकमान ने दिल्ली में सब कुछ ठीक कर दिया। लेकिन जैसे ही लिस्टें निकली पंजाब कांग्रेस में असंतोष जगजाहिर हो गया। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ ये खबरें भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस में टूट संभव: चन्नी की मीटिंग में 50 नेता पहुंचे, बोले- हाईकमान प्रधान वड़िंग को हटाए; एक सांसद दिल्ली में शाह से मिले बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के बाद अब पंजाब कांग्रेस में भी टूट के आसार हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने से नाराज पूर्व सीएम और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने घर पर 4 विधायकों समेत 50 पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग की। MLA तृप्त राजिंदर बाजवा ने कहा कि सभी नेताओं ने चन्नी से कहा कि अमरिंदर राजा वड़िंग को प्रधान बनाए जाने पर वे हाईकमान से बात करें। सभी नेता इस फैसले से नाराज हैं और हाईकमान इस फैसले पर रिकंसीडर करे (पढ़ें पूरी खबर) पंजाब कांग्रेस में बड़ी बगावत के आसार, चन्नी ने मीटिंग बुलाई, सवाल- क्या पार्टी छोड़ेंगे?; रंधावा भी चुप
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले किए बदलाव को लेकर कांग्रेस में बगावत के आसार बन गए हैं। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और सांसद सुखजिंदर रंधावा अमरिंदर राजा वड़िंग के प्रदेश प्रमुख पद में बदलाव न होने से नाराज हैं। यही वजह है कि दोनों नेताओं ने अभी तक हाईकमान से पद मिलने के बाद धन्यवाद तक नहीं कहा। यहां तक कि सोशल मीडिया पोस्ट तक नहीं डाली (पढ़ें पूरी खबर) चंडीगढ़ सांसद मनीष तिवारी भी हाईकमान के फैसले से नाराज पंजाब कांग्रेस को संगठनात्मक फेरबदल के बाद बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान की ओर से गठित की गईं चुनावी समितियों से चंडीगढ़ के मौजूदा सांसद मनीष तिवारी को बाहर रखा गया है। इस पर मनीष तिवारी की नाराजगी खुलकर बाहर आई है। तिवारी ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 45 साल इस पार्टी को दिए हैं, लेकिन आज कुछ लोगों की असुरक्षा की भावना के कारण ऐसा फैसला लिया गया है।(पढ़ें पूरी खबर)

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