पंजाब कांग्रेस में कलह, हाईकमान का चन्नी से किनारा:खड़गे, राहुल-प्रियंका ने मिलने का टाइम नहीं दिया; एक्सपर्ट बोले- पूर्व CM के लिए 2 दिन अहम

पंजाब कांग्रेस में बगावती तेवर दिखा रहे पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी से हाईकमान ने किनारा कर लिया है। चन्नी दिल्ली जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से मिलना चाहते थे लेकिन उन्हें टाइम नहीं मिला। इसकी बड़ी वजह चन्नी गुट का हाईकमान के दूत व पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल का बायकॉट करना माना जा रहा है। AICC के पंजाब प्रभारी बघेल दूसरी बार कह चुके हैं कि पंजाब में हाईकमान का फैसला नहीं बदलेगा। उन्होंने चन्नी गुट की जिद को यह कहकर भी मखौल उड़ाया कि यह कोई गुड्‌डे-गुड्‌डी का खेल नहीं है। बघेल ने साफ कर दिया कि चन्नी और उनके गुट को हाईकमान का फैसला मानना ही होगा। चन्नी के अपने खेमे में 7 MLA और एक सांसद के समर्थन के मुकाबले बघेल ने ये कहकर उन्हें संगठन की ताकत दिखाई कि 23 जिलों के प्रधान मौजूदा अध्यक्ष अमरिंदर राजा वड़िंग के साथ हैं। चुनाव में MLA या पूर्व MLA को टिकट मिलेगी या नहीं, यह अभी तय नहीं लेकिन ग्राउंड पर वर्किंग के लिए जिला प्रधान ही काम आने हैं। इसलिए हाईकमान वड़िंग पर भरोसा दिखा रहा है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट के मुताबिक पंजाब कांग्रेस में अगले 2 दिन अहम हैं। चन्नी और उनके समर्थक टूट गए तो फिर चन्नी को कोई तरजीह नहीं मिलेगी। हालांकि अगर सब एकजुट रहे तो चन्नी के साथ हो रहे व्यवहार से दलित वोट बैंक पर असर का डर देख हाईकमान उनसे मुलाकात कर सकता है। हाईकमान चन्नी से क्यों नहीं मिला?
दरअसल, भूपेश बघेल ने दो दिन पंजाब में नेताओं के साथ बैठकें की। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी और जिला प्रधानों के साथ मीटिंग में ग्राउंड लेवल की फीडबैक ली। पार्टी के बड़े नेताओं के साथ मुलाकात की उनसे भी कांग्रेस में चल रहे विवाद पर फीडबैक ली। इसके अलावा कई नेता उनसे मिलने पहुंचे। बघेल ने पूरी रिपोर्ट दिल्ली में पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल को भेजी। रिपोर्ट पर चर्चा होने के बाद भूपेश बघेल को फैसला लेने की छूट दी और कह दिया कि हाईकमान का फैसला वापस नहीं होगा। दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही भूपेश बघेल मीडिया के सामने आए और उन्होंने ऐलान कर दिया कि हाईकमान अपना फैसला नहीं बदलेगा। राजा वडिंग ही प्रधान रहेंगे। हालांकि चन्नी गुट का कहना है कि बघेल हाईकमान को गुमराह कर रहे हैं। चन्नी गुट के नेता अभी भी जिद पर अड़े
चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को मोरिंडा में ही थे। सुबह वो मोरिंडा नगर काउंसिल के चुनाव को लेकर कांग्रेसी पार्षदों के साथ रहे और उसके शाम को अपने घर में ही थे। इसके बावजूद वो चंडीगढ़ में बघेल से मिलने नहीं पहुंचे। इसी तरह सुखजिंदर सिंह रंधावा भी तीन दिन से स्क्रीन से गायब हैं। वो भी न तो मीडिया के सामने आए और न ही बघेल से मिलने पहुंचे। MLA तृप्त रजिंदर बाजवा, नए वर्किंग प्रधान संगत सिंह गिल्जियां समेत चन्नी गुट के कोई नेता बघेल की मीटिंगों में शामिल नहीं हुए। देर शाम चन्नी का एक बयान आया कि वो राहुल गांधी को अपना नेता मानते हैं। इसके अलावा चन्नी ने अभी अपने बगावती तेवरों पर कोई बात नहीं की। एक्सपर्ट से जानिए, चन्नी गुट अब क्या कर सकता है ************** ये खबरें भी पढ़ें…. कांग्रेस हाईकमान के कड़े रुख से चन्नी बैकफुट पर, नाराजगी के बीच पहली बातचीत पंजाब कांग्रेस में बागी तेवर दिखा रहे पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी हाईकमान के कड़े रुख के आगे डरे बैकफुट पर नजर आए हैं। प्रधान राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद बुधवार को उन्होंने पहली बार एक मीडिया चैनल से बात की। कांग्रेस में उनकी नाराजगी को लेकर सवाल पर चन्नी ने कहा- ‘मेरा मकसद कांग्रेस को आगे ले जाना है। (पढ़ें पूरी खबर) पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले टूट का खतरा बढ़ा, प्रभारी बघेल बोले- राजा वड़िंग ही प्रधान रहेंगे पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टूट का खतरा बढ़ गया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल ने मीटिंग में नेताओं को भरोसा दिलाया कि पंजाब कांग्रेस में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी और जिला अध्यक्षों के साथ मीटिंग की। पूर्व CM चरणजीत चन्नी के गुट ने इसका बायकॉट किया। (पढ़ें पूरी खबर)

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