वांगचुक ने CJP के विदेशी कनेक्शन के आरोप खारिज किए:बोले- 94% फॉलोअर्स भारत से; जांच के लिए तैयार, विदेशी फंडिंग नहीं ली

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से जुड़े विदेशी कनेक्शन के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों को बाहर से फंडिंग मिलने की बात पर उन्हें भरोसा नहीं है। शैक्षणिक रिकॉर्ड या किसी भी बड़े दावे की जांच जरूर होनी चाहिए। उनके मुताबिक, CJP के सोशल मीडिया फॉलोअर्स के विश्लेषण में सामने आया कि करीब 94% फॉलोअर्स भारत से थे, जबकि सिर्फ 6% दूसरे देशों से थे। उन्होंने ये बातें प्रखर गुप्ता के पॉडकास्ट में कहीं। CJP ने 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था CJP ने नीट पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी की मांगों को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था। 25 जुलाई को सरकार से आश्वासन मिलने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अपना आंदोलन खत्म किया था। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज हुआ था 20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी परमिशन नहीं दी थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया था। वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की थी सोनम वांगचुक ने 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उन्होंने यह हड़ताल NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के समर्थन में शुरू की थी। तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। बाद में उन्हें मेदांता अस्पताल में एडमिट किया गया। सरकार के आश्वासन के बाद 24 जुलाई को वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म की थी। लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा की मांग के लिए वांगचुक 170 दिन जेल में रहे वांगचुक इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उन पर आरोप था कि अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए। सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया।

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