जयपुर में 13 जान लेने वाले ड्राइवर को पछतावा नहीं:पुलिस से बोला- मुझे याद नहीं क्या किया, FSL एक्सपर्ट को अन्य नशे की भी आशंका

जयपुर में डंपर से कुचलकर 13 लोगों की जान लेने वाले ड्राइवर कल्याण मीणा के चेहरे पर शिकन तक नहीं है। न ही उसे गलती का एहसास है। वो बार-बार पुलिस के सामने अनजान बनने की कोशिश कर रहा है। पुलिस की मानें तो आरोपी बेहद शातिर है और खुद को बचाने के लिए बार-बार गुमराह कर रहा है। सवाल करने पर कहता है- मैंने क्या किया, मुझे कुछ याद नहीं। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि ड्राइवर कल्याण ने हादसे से 10 मिनट पहले हरमाड़ा रोड पर एक ठेके से शराब पी थी। स्पेशल पुलिस कमिश्नर जयपुर राहुल प्रकाश ने बताया- शराब पीने के बाद जैसे ही वो डंपर लेकर सड़क पर निकला तो उसका कार से एक्सीडेंट हो गया था। रुका नहीं तो कार वाले ने उसका पीछा शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपी ने डंपर इतना तेज भगाया कि भीड़ भाड़ वाले इलाके में लोगों को कुचलता गया। FSL एक्सपर्ट की मानें तो जांच में ड्राइवर के अन्य प्रकार का नशा करने का भी खुलासा हो सकता है। पढ़िए ये रिपोर्ट… आरोपी को नहीं कोई पछतावा
पुलिस का कहना है कि ड्राइवर से एक्सीडेंट के बारे में पूछताछ की जा रही है। हादसे के बाद सीकर रोड स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल से कल्याण को करधनी थाना पुलिस ने 4 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। एसएचओ बोले- ड्राइवर को गलती का एहसास नहीं
एसएचओ करधनी उदय सिंह यादव का कहना है- पूछताछ में डंपर ड्राइवर कल्याण बता रहा है कि घटना से पहले उसने दो बार शराब पी। ये बहुत ही शातिर लग रहा है। उसे अपनी गलती का कोई एहसास तक नहीं हो रहा। एसएचओ ने बताया कि वो जानबूझकर अनजान बनने की कोशिश कर रहा है। अपने मतलब का इसे सब याद है, लेकिन जैसे ही सवाल करते हैं कि इतने लोगों को क्यों कुचला तो तो कहता है- मुझे कुछ याद नहीं है। बार-बार गुहार लगा रहा है कि मुझे बचा लो। लेकिन उसके चेहरे के भावों को देखें, तो कोई पछतावा नजर नहीं आ रहा है। उसकी बातें ऐसी हैं कि बस वह इस मामले से किसी तरीके से बचकर निकल जाना चाहता है। सामने से आ रहे डंपर को देख बचे लोग
पुलिस के मुताबिक, यह घटना 3 नवंबर की दोपहर 12.54 बजे की है। कार वाले से बहस होने के बाद कल्याण (ड्राइवर) ने अपना डंपर रॉन्ग साइड में घुसा दिया था। तेज रफ्तार में सामने से डंपर आता देख खुद को बचाने के लिए कई लोगों ने अपने वाहनों को साइड में कर लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से डंपर चला रहा था। ऐसा लग रहा था कि उसके ब्रेक फेल हो गए हैं। काफी देर रॉन्ग साइड में चलने के बाद वह अपनी लेन में आया, जिसके बाद डंपर ने पीछे से लोगों को रौंदना शुरू किया। उसकी स्पीड इतनी थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटनास्थल पर 500 मीटर के दायरे में पुलिस ने कई सीसीटीवी खंगाले हैं। इनमें इस हादसे की कई खौफनाक तस्वीरें कैद हुई हैं। 15 साल से पी रहा शराब
कल्याण मीणा मूल रूप से (विराटनगर) जयपुर दिल्ली हाईवे के पास का रहने वाला है। पिछले 20 साल से हेवी मोटर वाहन चला रहा है। कल्याण सुबह अपने घर से निकला था। शाहपुरा में ठेके पर शराब पी। इसके बाद बाइक से करीब 60 किलोमीटर दूर बनाड़ आया। मैनेजर से डंपर की चाबी लेने के बाद आरोपी ने दोबारा से मेन रोड पर स्थित शराब ठेके से शराब पी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले 15 साल से शराब पी रहा है। ब्लड सैंपल से खुलेगा नशे का राज
एफएसएल डायरेक्टर अजय शर्मा ने बताया- अभी तक जो टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, उससे डंपर चालक के कोई दूसरा नशा होने की भी आशंका है। इस तरह की घटना को अंजाम कोई भी व्यक्ति केवल शराब के नशे में नहीं कर सकता। आशंका है कि आरोपी ने दूसरे प्रकार का कोई नशा कर रखा हो, जिसने नशे की तीव्रता बढ़ा दी हो और उसका खुद से कंट्रोल खत्म हो गया। उसने जो भी नशा किया था, इसकी तमाम जानकारी ब्लड सैंपल की रिपोर्ट में आ जाएगी। हालांकि अभी तक हमारे पास ब्लड सैंपल नहीं आया है। जब भी पुलिस हमे सैंपल देगी, उसके 5 दिन के भीतर हम रिपोर्ट दे देंगे। मनोरोग एक्सपर्ट- नशे के बाद गुस्से का परिणाम ऐसी घटनाएं
मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनीता शर्मा ने बताया कि शराब या कोई भी नशा इंसान की डिसीजन पावर को कम कर देता है। नशे के बाद कोई व्यक्ति गुस्सा कर रहा है तो उसके गुस्से का लेवल और बढ़ जाता है। उसके इस गुस्से का परिणाम क्या होता उसे वह सोच नहीं पाता। इसीलिए शराब पीने के बाद दुर्घटनाएं बहुत ज्यादा हो जाती हैं। स्पेशल कमिश्नर बोले- कड़ी से कड़ी सजा दिलाने में जुटी पुलिस
स्पेशल पुलिस कमिश्नर जयपुर राहुल प्रकाश ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाने से आपका सेंस काबू में नहीं रहता, यह बहुत ही खतरनाक होता है। डंपर चालक के खिलाफ हमने 105 बीएनएस (गैर इरादतन हत्या) में एफआईआर दर्ज की है। इसमें उम्रकैद की सजा का प्रावधान है। गैर इरादतन हत्या में 10 साल की होगी सजा और जुर्माना
सीनियर एडवोकेट एके जैन ने बताया कि जिस धारा में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, उसमें आरोपी ड्राइवर को 10 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उसके साथ-साथ ड्रिंक और ड्राइविंग का अपराध भी जोड़ा जाना चाहिए, उसमें अगर हेवी व्हीकल द्वारा यह अपराध किया जा रहा है तो उसमें भी गंभीर सजा का प्रावधान है। सबसे बड़ी बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने 8 साल पहले अपने एक निर्णय में स्पष्ट किया था कि जो ओवर लोडेड गाडियां चलती हैं, उनके खिलाफ सिर्फ मोटर व्हीकल एक्ट में मामला दर्ज नहीं होना चाहिए बल्कि सरकारी संपत्ति और जन संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला भी दर्ज होना चाहिए। लेकिन राजस्थान पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग ने आज तक एक भी मामला बीएनएस में दर्ज नहीं किया। इसका परिणाम है कि इस तरह से बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं। — जयपुर में डंपर हादसे की ये खबरें भी पढ़िए… बर्दाश्त करने की बात लिखे डंपर ने 14-लाशें बिछा दी:जयपुर में 17 गाड़ियों को कुचला, कार मालिक से हुई थी कहासुनी, CI समेत 3 सस्पेंड जयपुर में तेज रफ्तार डंपर ने एक के बाद एक 17 गाड़ियों को टक्कर मार दी। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में कई के शरीर टुकड़ों में बंट गए। किसी का पैर कट गया तो किसी का हाथ। हादसे में 12 घायल हो गए l 7 गंभीर घायलों को SMS अस्पताल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पढ़ें पूरी खबर… ‘पैर में कांच घुसा, लाश हटाकर पिता को निकाला’:हम बस बच गए, यही बहुत है; घायलों की जुबानी जयपुर डंपर हादसे की कहानी ‘मैंने खुद अपने पैर में घुसा कांच का टुकड़ा निकाला, फिर पिता के ऊपर गिरी लाश को हटाकर उन्हें बाहर निकाला’ यह मंजर भास्कर को उस घायल ने बयां किया, जिसने जयपुर में 14 लोगों की जान लेने वाले डंपर हादसे को अपनी आंखों से देखा…पढ़ें पूरी खबर…

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