सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में ‘भारत पर्व’ कार्यक्रम- सरदार पटेल की देशभक्ति और दृढ़संकल्प भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी, ‘भारत पर्व’ हमारी सांस्कृतिक विरासत और एकता का पर्व – मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल ने कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से असम तक एक भारत का निर्माण किया। उन्होंने देश का केवल भौगोलिक एकीकरण ही नहीं किया, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की नींव भी रखी। उनका त्याग, देशभक्ति और दृढ़संकल्प आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। श्री शर्मा ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को आत्मसात कर मनाया जा रहा भारत पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, विविधता और एकता का पर्व है।

                मुख्यमंत्री श्री शर्मा शुक्रवार को गुजरात के नर्मदा जिला स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, केवड़िया में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘भारत पर्व’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में प्रारंभ हुआ यह आयोजन आज देश के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रमों में से एक है। देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, कला, व्यंजन और हस्तशिल्प एक मंच पर प्रदर्शित होना सरदार पटेल के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के स्वप्न को साकार करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘देखो अपना देश’ अभियान हमें अपनी जड़ों से जुड़ने, अपनी संस्कृति को समझने और देश की विविधता का सम्मान करने का अवसर प्रदान करता है। श्री शर्मा ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज हम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। इस गीत ने भारतवासियों की चेतना को जगाकर गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने की प्रेरणा दी और हमें स्वराज्य के पथ पर अग्रसर होने की शक्ति प्रदान की।

सरदार पटेल के व्यक्तित्व को शब्दों में समेटना कठिन-

                मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल का व्यक्तित्व इतना विशाल है कि उसे शब्दों में समेटना कठिन है। एक साधारण परिवार में जन्मे इस महापुरुष ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में आजादी की खुशी के साथ ही देश को विभाजन की त्रासदी भी सहनी पड़ी। ये वो समय था जब भारत देशी रियासतों में बिखरा हुआ था। ऐसे कठिन समय में सरदार पटेल ने अपनी राजनीतिक दूरदर्शिता, कूटनीतिक कौशल और दृढ़ इच्छाशक्ति से रियासतों को भारत में मिलाने का काम किया।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारे नायकों को मिल रहा उचित सम्मान-

                श्री शर्मा ने कहा कि यह इस देश का दुर्भाग्य है कि जिस महापुरुष ने देश को एक सूत्र में बांधा और भारत की अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उसे दशकों तक उचित सम्मान नहीं मिला, मगर आज समय परिवर्तित हो चुका है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में राष्ट्र के सच्चे निर्माताओं को वह सम्मान दिया जा रहा है, जिसके वे हकदार हैं और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की अखंडता का स्वरूप यह भव्य प्रतिमा सरदार पटेल के फौलादी व्यक्तित्व और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस प्रतिमा का उद्घाटन कर पूरे विश्व को दिखाया कि भारत अपने नायकों को सम्मान देना जानता है।

                श्री शर्मा ने कहा कि हम सबका यह दायित्व है कि सरदार पटेल के सपनों के भारत को और मजबूत बनाएं तथा यह याद रखें कि राष्ट्र की विविधता ही हमारी शक्ति है।

                कार्यक्रम को गुजरात के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा ने भी संबोधित किया। इस दौरान विभिन्न देशभक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।

                इस अवसर पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सीईओ श्री अमित अरोड़ा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com