करनाल के असंध में विदेश भेजने का झांसा देकर एक परिवार से 3.50 लाख रुपए हड़पने और उनके बेटे को रूस में बुरी तरह परेशान किए जाने का मामला सामने आया है। युवक को वर्क परमिट की बजाय टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया गया, जहां उसका वीजा खत्म होते ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। जिसके बाद युवक को काफी मुश्किलों के बाद वापस भारत लौटना पड़ा। परिवार का आरोप है कि अब आरोपी पैसे लौटाने की बजाय धमकियां दे रहा है और कह रहा है कि पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। गीता कॉलोनी निवासी चंचल देवी ने लगाई गुहार असंध निवासी महिला चंचल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उसके बेटे हर्ष को विदेश जाने का शौक था। इसी दौरान गांव में रहने वाले कस्तूरी सिंह कॉलोनी निवासी बलवान सिंह फौजी ने उसे रूस में पांच साल के वर्क परमिट की बात कही। चंचल के मुताबिक, उन्होंने 1 लाख रुपए ऑनलाइन और 2 लाख 50 हजार रुपए नकद देकर कुल 3 लाख 50 हजार रुपए बलवान सिंह को दे दिए। आरोपी ने उनके बेटे को वर्क परमिट की जगह टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया। रूस में युवक का शोषण, पुलिस ने कई बार उठाया युवक के रूस पहुंचते ही उसने बताया कि वहां करेंसी चेंज कराने के नाम पर आरोपी ने 32 हजार रुपए और वसूल लिए। वीजा खत्म होते ही रूस की पुलिस ने उसे पकड़ लिया और 20 हजार रूबल लेने के बाद छोड़ा। चंचल देवी कहती हैं कि जब उन्होंने इस बारे में बलवान सिंह से बात की तो वह बार-बार टालता रहा। कुछ दिन बाद पुलिस ने दोबारा युवक को उठा लिया और 10 हजार रूबल लेकर छोड़ा। युवक ने परेशान होकर जब आरोपी को फोन किया तो उसने धमकी दी कि अगर बार-बार फोन किया तो वहीं मरवा दूंगा। डीएसपी दफ्तर में शिकायत, हुई पंचायत चंचल देवी ने बीती 24 अक्टूबर को डीएसपी असंध को शिकायत दी। इसके बाद आरोपी ने पंचायत बुलाई। पंचायत में आरोपी ने अपने हाथों से हिसाब लिखकर 4 लाख 75 हजार रुपए वापस देने का वादा किया। लेकिन पंचायत खत्म होने के एक घंटे बाद ही वह अपनी बात से मुकर गया। उसने गाली-गलौज कर धमकी दी कि जितना करना है कर ले, पुलिस तो मैंने खरीद रखी है। तीसरी बार पुलिस ने युवक को जेल भेजा, पासपोर्ट भी जब्त इसके बाद रुस में युवक हर्ष को को तीसरी बार पुलिस ने उठाया और तीन दिन जेल में रखा। चंचल देवी के अनुसार, उसे रूसी पुलिस से बहुत प्रताड़ित किया गया। उसे भूखा रखा, बर्फ में फेंका और मारपीट की। रुस की पुलिस ने कहा कि या तो वह 1 लाख रूबल दे, या उसे रूस की आर्मी में भेज दिया जाएगा। मजबूर होकर परिवार ने सोने के गहने गिरवी रखकर 70 हजार रूबल दिए और फिर 35 हजार रुपए का टिकट लेकर उसे भारत वापस बुलाया। दिल्ली एयरपोर्ट पर भी 7 हजार रुपए जुर्माना देना पड़ा। कुल मिलाकर, परिवार का दावा है कि युवक पर 6 लाख रुपए खर्च हो गए और उनकी जिंदगी खतरे में पड़ गई।
करनाल के युवक रूस में शोषण:वर्क परमिट का झांसा दिया, टूरिस्ट वीजा पर भेजा, 3.50 लाख हड़पे, पुलिस ने कई बार पकड़ा
