महाराष्ट्र के चंद्रपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि सस्ती पढ़ाई और इलाज हर व्यक्ति की मूल जरूरत है और हर इंसान को ये सुविधाएं उसके पास में ही मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं की समाज के आखिरी व्यक्ति तक आसानी से पहुंच होनी चाहिए। चंद्रपुर में पंडित दीनदयाल कैंसर अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि कैंसर जैसी बीमारी का असर सिर्फ मरीज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार को इससे जूझना पड़ता है। उन्होंने समाज से अपील की कि ऐसे मरीजों और उनके परिवारों की भावनात्मक और सामाजिक मदद की जाए। भागवत ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा के लिए सिर्फ पैसा नहीं बल्कि समय देना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी बीमारियों के पीछे तनाव, प्रदूषण और मिलावटी खाद्य पदार्थ जैसे कई कारण हो सकते हैं। संघ प्रमुख के पिछले 3 चर्चित बयान… 21 दिसंबर- संघ को BJP के चश्मे से देखना गलत, एक्सरसाइज का मतलब किसी पर हमला करने की योजना बनाना नहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कोलकाता में कहा कि संघ को BJP के लेंस से देखने की कोशिश न करें। संघ सिर्फ एक सर्विस ऑर्गनाइजेशन नहीं है। संघ को समझना है तो संघ को ही देखना पड़ता है। संघ को देखकर नहीं समझ सकते, उसे अनुभव करना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें… 21 दिसंबर- बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक इसलिए हालात मुश्किल, हमें सीमाओं में रहकर मदद करनी चाहिए बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे हमले पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि वहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं, इसलिए हालात मुश्किल हैं। हिंदुओं को अगर बांग्लादेश में सुरक्षित रहना है तो एकजुट रहना होगा। दुनियाभर के हिंदुओं को उनकी मदद करनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 19 नवंबर- भागवत बोले- भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना जरूरी नहीं, देश पर गर्व करने वाला हर व्यक्ति हिंदू राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- भारत और हिंदू एक ही हैं। भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की कोई जरूरत नहीं है। हमारी सभ्यता पहले से ही इसे जाहिर करती है। जो भी भारत पर गर्व करता है, वह हिंदू है। हिंदू सिर्फ धार्मिक शब्द नहीं बल्कि एक सभ्यता गत पहचान है, जो हजारों साल की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी है। पूरी खबर पढ़ें… संघ के 100 साल पूरे होने पर कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में संवाद कार्यक्रम हो रहे हैं। —————————— ये खबर भी पढ़ें… लिव-इन में रहने वाले जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं, शादी सिर्फ शारीरिक संतुष्टि नहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि परिवार, शादी, सिर्फ शारीरिक संतुष्टि का जरिया नहीं है। यह समाज की एक इकाई है। परिवार वह जगह है जहां एक व्यक्ति समाज में रहना सीखता है। लोगों के मूल्य वहीं से आते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Related Posts
एक्टर धनुष की राजनीति में एंट्री की अटकलें तेज:CM विजय के ज्योतिषी बोले- 2031 में विजय और धनुष में मुकाबला होगा
तमिलनाडु की राजनीति में एक्टर धनुष की एंट्री की अटकलें तेज हो रही हैं। सीएम विजय के ज्योतिषी रिकी राधन…
भास्कर अपडेट्स:दिल्ली में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 16वां दिन, कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी
नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 24 दिन से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है।…
अडाणी ने US-कोर्ट के नोटिस को 15 महीने बाद स्वीकारा:फ्रॉड केस में 90 दिनों में जवाब देना होगा; रिश्वतखोरी-निवेशकों को गुमराह करने के आरोप
अमेरिकी रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के दायर सिविल फ्रॉड केस में 15 महीने के बाद गौतम अडाणी और…