शशि थरूर बोले-मैं कभी पार्टी लाइन से नहीं भटका:17 साल से कांग्रेस में हूं, सभी से अच्छे संबंध, लोग मेरी पूरी पोस्ट नहीं पढ़ते

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य शशि थरूर ने कहा कि मैं कभी पार्टी लाइन से नहीं भटका। उन्होंने कहा कि मेरा सवाल है, किसने कहा कि मैंने पार्टी लाइन छोड़ दी। जब मैंने विभिन्न विषयों पर अपनी राय व्यक्त की तो पार्टी और मैं एक ही लाइन पर खड़े थे। कांग्रेस सांसद ने कहा कि वह 17 साल से पार्टी में हैं और सहकर्मियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। अब किसी अचानक गलतफहमी की कोई जरूरत नहीं है। थरूर सुल्तान बथेरी में आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाने के लिए KPCC द्वारा आयोजित लक्ष्य 2026 नेतृत्व शिविर में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। थरूर बोले- कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का अध्याय हार के साथ खत्म हो गया था यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने के बाद विवाद शुरू हुए, थरूर ने कहा- पार्टी लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करती है और कई नेताओं ने अतीत में आंतरिक चुनाव लड़े हैं। मैंने चुनाव लड़ा और हार गया। वह अध्याय वहीं खत्म हो गया। मुझे इसमें कोई कहानी नहीं दिखती। कांग्रेस सांसद के बयान की मुख्य बातें… थरूर के पिछले 4 बयान… 27 दिसंबर- प्रधानमंत्री का हारना भारत के हारने जैसा:विदेश नीति पार्टी नहीं, देश की होती है कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 27 दिसंबर को कहा कि विदेश नीति भाजपा या कांग्रेस की नहीं, भारत की होती है। अगर राजनीति में कोई प्रधानमंत्री की हार पर खुश होता है, तो वह भारत की हार की खुशी मना रहा होता है। थरूर ने कहा कि भारत को पाकिस्तान से आने वाले सुरक्षा खतरों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। पाकिस्तान अपनी सैन्य रणनीति बदल रहा है। वह अब हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक और छिपकर हमला करने की नीति पर जोर दे रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 25 दिसंबर- अवैध प्रवासियों पर सरकार का एक्शन सही, ,अवैध तरीके से रहने वालों को बाहर निकालने का हक कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 25 दिसंबर को देश में गैरकानूनी तरीके से रहने वाले लोगों (अवैध प्रवासियों) के खिलाफ सरकार के एक्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था को ठीक से संभालना सरकार की जिम्मेदारी है। थरूर ने कहा कि अगर भारत में घुसपैठ हो रही है या लोग वीजा खत्म होने के बाद भी रह रहे हैं तो यह सिस्टम की नाकामी और बॉर्डर व इमिग्रेशन कंट्रोल में कमियों को दिखाता है। सरकार के पास गैरकानूनी तरीके से रहने वालों को कानून के तहत बाहर निकालने का पूरा अधिकार है। पूरी खबर पढ़ें… 4 नवंबर- भारत में पॉलिटिक्स फैमिली बिजनेस थरूर ने 4 नवंबर को भारत की वंशवादी राजनीति की आलोचना करते हुए एक लेख में कहा था- भारत में राजनीति फैमिली बिजनेस बन गई है। जब तक राजनीति परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती रहेगी, तब तक लोकतांत्रिक सरकार का असली मतलब पूरा नहीं हो सकेगा। थरूर ने लिखा- यह समय है, जब भारत को वंशवाद (परिवारवाद) छोड़कर योग्यता आधारित व्यवस्था अपनानी चाहिए। इसके लिए कानूनी रूप से तय कार्यकाल, आंतरिक पार्टी चुनाव और मतदाताओं को जागरूक करने जैसे मूलभूत सुधार जरूरी हैं। पूरी खबर पढ़ें… 6 सितंबर- PM के नए लहजे का स्वागत थरूर ने भारत-अमेरिका में टैरिफ को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब की सराहना की थी। थरूर ने केरल के तिरुवनंतपुरम में न्यूज एजेंसी ANI से कहा था- मैं इस नए लहजे का ऐहतियात के साथ स्वागत करता हूं। ———— ये खबर भी पढ़ें… थरूर ने वीर सावरकर अवॉर्ड लेने से इनकार किया:बोले-आयोजकों ने बिना पूछे नाम घोषित किया कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 10 अक्टूबर को X पर एक पोस्ट में वीर सावरकर अवॉर्ड को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा- मैं ये अवॉर्ड लेने नहीं जा रहा हूं। मुझे इसके बारे में केरल में रहते हुए मीडिया रिपोर्ट्स से ही जानकारी मिली। कांग्रेस सांसद ने कहा कि आयोजकों ने बिना पूछे मेरा नाम घोषित किया है। ऐसे में दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता। पूरी खबर पढ़ें…

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