सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को त्योहारों और इमरजेंसी हालातों में प्राइवेट एयरलाइंस के हवाई किराए बढ़ाने को लेकर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि यह एक बहुत गंभीर चिंता का विषय है। वरना, हम 32 पिटीशन पर विचार नहीं करते। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सिविल एविएशन मिनिस्ट्री इस मुद्दे पर विचार कर रही है। इस पर जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को विचार करने और जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। यह मामला एक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा है, जिसमें प्राइवेट एयरलाइंस के त्योहारों के समय अचानक किराया बढ़ाने और अतिरिक्त शुल्क वसूलने पर कंट्रोल के लिए नियम बनाने की मांग की गई है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने अदालत को बताया कि यह मामला आम जनता के हित से जुड़ा है। सरकार और संबंधित विभाग इसे हाईलेवल पर देख रहे हैं। मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी। याचिका में चेक-इन बैगेज समेत अन्य मुद्दे उठाए गए 17 नवंबर 2025: कोर्ट ने DGCA-AERA से जवाब मांगा इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, DGCA और एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा था। कोर्ट ने कहा था कि त्योहारों के समय हवाई किराए में अचानक भारी बढ़ोतरी शोषण जैसा है। याचिका में महाकुंभ, पहलगाम आतंकवादी हमला के बाद किराए में बढ़ोतरी का हवाला दिया गया। इंडिगो संकट में एयरलाइंस ने किराया बढ़ाया था दिसंबर 2025 में इंडिगो संकट के दौरान भी कई प्राइवेट एयरलाइंस के किराए में उछाल देखने को मिला था। यात्रियों को ऑप्शनल फ्लाइट्स की तलाश में सामान्य से 10 गुना कीमत तक पर टिकट खरीदने पड़े थे। बुकिंग साइट MakeMyTrip के अनुसार, 6 दिसंबर 2025 को दिल्ली से बेंगलुरु की सबसे सस्ती फ्लाइट का किराया 40,000 रुपए से ज्यादा था, जबकि कुछ फ्लाइट्स का किराया 80,000 रुपए तक हो गया था। इंडिगो संकट पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर को केंद्र सरकार से पूछा था कि जब एयरलाइन फेल हो गई थी, तब सरकार ने क्या किया। फ्लाइट्स की टिकट की कीमतें ₹4-5 हजार से बढ़कर ₹30 हजार तक कैसे पहुंच गईं। अगर यह संकट था, तो दूसरी एयरलाइंस को इसका फायदा उठाने की इजाजत कैसे दी गई? —————————————— ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने इंडिगो एयरलाइंस से पूछा दिसंबर में कितना किराया वसूला, 4500 फ्लाइट्स कैंसिल होने पर पैसेंजर्स ने कई गुना किराया दिया था डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इंडिगो समेत एअर इंडिया, स्पाइसजेट और अकासा एयर से दिसंबर महीने के दौरान वसूले गए एवरेज किराए का पूरा डेटा मांगा है। केंद्र सरकार ने यह कदम तब उठाया, जब पिछले महीने पायलटों की कमी के चलते इंडिगो ने हजारों फ्लाइट्स कैंसिल की थीं। पूरी खबर पढ़ें…
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