पंचकूला AJL केस में पूर्व सीएम हुड्‌डा को राहत:₹65 करोड़ का प्लॉट ₹69 लाख में देने के आरोप से हुए मुक्त; CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

पंचकूला में प्रकाशन समूह एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को प्लॉट आवंटन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को पंचकूला में CBI की विशेष कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को कोर्ट ने हुड्‌डा और AJL के चेयरमैन रहे मोतीलाल वोरा को आरोप मुक्त कर दिया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वोरा का 6 साल पहले निधन हो चुका है, जबकि 78 वर्षीय हुड्‌डा खुद कोर्ट में पेश हुए। इससे पहले CBI की स्पेशल कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के खिलाफ हुड्डा ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिसमें स्पेशल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। करीब एक माह पहले जस्टिस त्रिभुवन दहिया की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा था कि बिना पर्याप्त आधार के आपराधिक मुकदमा जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। HC ने कहा था- प्रथम दृष्टया आरोप साबित नहीं हो रहे। अब शुक्रवार को इस मामले में CBI की विशेष कोर्ट में दोबारा सुनवाई हुई। हुड्डा के वकील एसपीएस परमार ने उनका पक्ष रखा। यह मामला पंचकूला के सेक्टर-6 में करीब 3,360 वर्ग मीटर के सरकारी भूखंड आवंटित करने से संबंधित है। सीबीआई ने हुड्डा समेत एचएसवीपी के 4 वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया था। हुड्डा पर आरोप है कि 64.93 करोड़ रुपए का प्लॉट एजेएल को 69 लाख 39 हजार रुपए में दिया। जानिए क्या है जमीन आवंटन मामला…
विजिलेंस ने हुड्डा के अलावा 4 अफसरों को आरोपी बनाया हरियाणा विजिलेंस ने पूर्व सीएम भूपेंद्र हड्डा समेत हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के 4 वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। बाद में ईडी ने इसी एफआईआर को संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। इनके खिलाफ भूखंड के पुनः आवंटन में अनियमितता बरतने का आरोप है। हुड्डा उस समय मुख्यमंत्री के रूप में हुडा (हरियाणा अर्बन डवलेपमेंट अथॉरिटी) के पदेन अध्यक्ष थे। उधर, जब जमीन वापस ली गई, तब तर्क दिया गया कि उस पर निर्माण नहीं हुआ था। साल 2005 में फिर से उसी माप के साथ उसी कीमत पर (पुराने रेटों पर) आवंटित कर दी गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com