भारत ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। तमिलनाडु के कल्पक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने सफलतापूर्वक क्रिटिकलिटी प्राप्त कर ली है। यह वह चरण होता है जब रिएक्टर के भीतर परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया स्वयं संचालित होने लगती है, जो बिजली उत्पादन शुरू होने से पहले का एक महत्वपूर्ण तकनीकी चरण माना जाता है।
500 मेगावाट क्षमता वाला यह रिएक्टर भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (BHAVINI) द्वारा विकसित किया गया है। यह परियोजना भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश की दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करना है।
फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की खासियत यह है कि यह जितना परमाणु ईंधन इस्तेमाल करता है उससे अधिक नया ईंधन पैदा कर सकता है। यह यूरेनियम-238 को प्लूटोनियम-239 में बदलकर ईंधन की क्षमता बढ़ाता है। इस तकनीक से भारत भविष्य में अपने विशाल थोरियम भंडार का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए कर सकेगा।
इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास उन्नत फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तकनीक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता को मजबूत करेगा और स्वच्छ तथा भरोसेमंद बिजली उत्पादन को बढ़ावा देगा।
