सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) में 4 महिला सफाई कर्मचारियों से पीरियड्स का सबूत मांगने के मामले में केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कह- यह महिलाओं के प्रति लोगों की सोच दिखाता है। अगर उनकी गैरमौजूदगी की वजह से कोई भारी काम नहीं हो सका तो किसी और को लगाया जा सकता था। कर्नाटक में पीरियड्स की छुट्टी दी जा रही है लेकिन अब क्या वे छुट्टी देने के लिए सबूत मांगेंगे? सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कोर्ट को बताया कि यह एक गंभीर आपराधिक मामला है और इसकी हाई लेवल जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार को विस्तृत जांच के निर्देश दिए जाएं। सरकार से गाइडलाइन बनाने की मांग याचिका में कहा गया कि ऐसी गाइडलाइंस बनाई जाएं जो पीरियड्स के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान, निजता और शारीरिक स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित करें। जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच मामले में अगली सुनवाई 15 दिसंबर को करेगी। MDU में सैनिटरी पैड की फोटो मांगी गई 26 अक्टूबर को हरियाणा के रोहतक में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) में 4 महिला कर्मचारियों से पीरियड्स का सबूत मांगा गया था। इतना ही नहीं, उनके कपड़े उतरवाकर सैनिटरी पैड की फोटो भी खिंचवाकर देखी गई। हंगामा होने के बाद आरोपी सुपरवाइजर को सस्पेंड कर दिया गया है। PGIMS पुलिस स्टेशन के SHO ने बताया कि घटना के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ 31 अक्टूबर को FIR दर्ज की गई थी। उन पर यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी, महिला पर हमला, गरिमा ठेस पहुंचाने की कोशिश के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि मामले में एससी/एसटी प्रिवेंशन एक्ट लगाया जा सकता है। यूनिवर्सिटी ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है और हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त दो सुपरवाइजरों को निलंबित कर दिया है। यूपी, गुजरात और महाराष्ट्र की घटनाओं का जिक्र याचिका में 2017 का एक मामला दिया गया है, जो उत्तर प्रदेश का है। वहां करीब 70 लड़कियों को उनके पीरियड्स की जांच के बहाने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया था। इसके अलावा गुजरात (2020) और महाराष्ट्र (2025) की घटनाओं का भी जिक्र है। इन मामलों में छात्राओं को अपमानजनक तरीके से अपने कपड़े उतारने को कहा गया और पीरियड्स के सबूत दिखाकर उनकी जांच की गई। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… MDU ने विवाद का ठीकरा 3 छात्र नेताओं पर फोड़ा, कहा- निजी स्वार्थ के लिए महिला कर्मियों को भड़काया महिला कर्मियों के पीरियड्स की पुष्टि के लिए कपड़े उतरवा फोटो खींचने के विवाद में रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) ने राज्य महिला आयोग के नोटिस का जवाब दे दिया है। यूनिवर्सिटी के सामान्य प्रशासन के प्रोफेसर इंचार्ज एवं संपदा निदेशक भगत सिंह की ओर से 3 पेज का जवाब सबमिट किया गया है। इसमें पूरा ठीकरा 3 छात्र नेताओं पर फोड़ दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
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