बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने रविवार को दावा किया कि उसने 17 पाकिस्तानी सैनिकों को हिरासत में लिया है। इनमें से 10 को छोड़ दिया गया है, जबकि बाकी 7 को कैद कर लिया है। इनके बदले बलूच लड़ाकों की रिहाई के लिए पाकिस्तान सरकार को एक हफ्ते की मोहलत दी गई है। यह दावा BLA की मीडिया विंग ‘हक्काल’ के नाम से जारी एक कथित बयान में किया गया है। पाकिस्तान की सेना या सरकार की ओर से इस पर तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। BLA के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने बयान में इसे ‘ऑपरेशन हेरोफ’ का दूसरा चरण बताया है। BLA के मुताबिक, जिन 10 लोगों को छोड़ा गया है वे बलूच हैं और स्थानीय पुलिस से जुड़े थे। बयान में कहा गया कि उन्हें चेतावनी देकर रिहा किया गया है। PAK सैनिकों को बलूच अदालत में पेश किया BLA ने कहा कि बाकी 7 बंदी पाकिस्तान सेना की नियमित यूनिटों के सदस्य हैं। बयान के अनुसार, उन्हें एक कथित ‘बलूच नेशनल कोर्ट’ में पेश किया गया। यहां उन पर आम नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई, जबरन गुमशुदगी में मदद और बलूच लोगों के खिलाफ नरसंहार में शामिल होने जैसे आरोप लगाए गए। BLA ने दावा किया कि सुनवाई के दौरान आरोपियों को जवाब देने का मौका दिया गया, सबूत पेश किए गए और बयान दर्ज किए गए। इसके बाद उन्हें दोषी ठहराया गया। BLA ने कहा कि दोषी ठहराए जाने के बावजूद इस्लामाबाद को 7 दिन का समय दिया जा रहा है, ताकि वह औपचारिक रूप से कैदी अदला-बदली की इच्छा जताए। बलूच आर्मी का ऑपरेशन हेरोफ क्या है BLA ने 25-26 अगस्त 2024 की रात ब बलूचिस्तान में बड़ा संगठित हमला किया। BLA ने इसे ऑपरेशन हेरोफ नाम दिया। ऑपरेशन हेरोफ के तहत बलूचिस्तान के 10 से ज्यादा जिलों में एक ही समय पर कार्रवाई की गई। बलूच भाषा में ‘हेरोफ’ का मतलब ‘तूफान’ होता है। BLA के निशाने पर पाकिस्तानी सुरक्षा बल, पुलिस, पंजाब प्रांत के श्रमिक और पुल-हाईवे जैसे बुनियादी ढांचे थे। प्रमुख इलाके मुसाखेल, कलात, बेला, मस्तुंग, बोलान और तर्बत रहे। इस हमले में BLA के साथ उसका आत्मघाती दस्ता ‘मजीद ब्रिगेड’ भी शामिल था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में कम से कम 73 लोगों की मौत हुई। इनमें 31 सुरक्षाकर्मी, 33 नागरिक और 14 हमलावर थे। BLA का दावा है कि इस ऑपरेशन 800 लड़ाके शामिल थे और 100 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई। बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा है BLA बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई और इसे कई देशों द्वारा आतंकी संगठन भी घोषित किया गया है। BLA का दावा है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण हो रहा है और बलूच लोगों के अधिकार छीन लिए गए हैं। यह संगठन पाकिस्तानी सेना, सरकार और चीनी प्रोजेक्ट्स जैसे CPEC को निशाना बनाता रहा है। BLA अपनी गुरिल्ला शैली के लिए जाना जाता है। यानी पहाड़ी इलाकों में छिपकर सेना पर हमला करना और तुरंत वापस लौट जाना। पाकिस्तान का सबसे गरीब राज्य बलूचिस्तान बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे गरीब प्रांत है, जबकि यहां प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है। शिक्षा, रोजगार और आर्थिक विकास के मामले में यह देश के बाकी हिस्सों से काफी पीछे है। यह इलाका लंबे समय से हिंसा और विद्रोह से जूझ रहा है। यह खनिज संसाधनों से भरपूर दक्षिण-पश्चिमी प्रांत है, जिसकी सीमा अफगानिस्तान और ईरान से लगती है। यहां लड़ाके अक्सर सरकारी बलों, विदेशी नागरिकों और दूसरे प्रांतों से आए लोगों को निशाना बनाते हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) बलूचिस्तान का सबसे सक्रिय अलगाववादी संगठन माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में बलूच अलगाववादियों ने दूसरे प्रांतों से आए पाकिस्तानी मजदूरों और विदेशी कंपनियों पर हमले तेज कर दिए हैं। उनका आरोप है कि ये लोग और कंपनियां बलूचिस्तान के संसाधनों का शोषण कर रही हैं। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर
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