बंगाल गैंगरेप मर्डर- मुख्य आरोपी समेत 3 गिरफ्तार:बारूईपुर में जिंदा बच्ची तालाब में फेंकी थी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दावा- फेफड़ों-पेट में पानी मिला

बंगाल पुलिस ने सोमवार को दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 साल की लड़की के रेप और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान आनंद सरदार के तौर पर हुई है। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर उसे शहर के बाजार इलाके से पकड़ा। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या तीन हो गई है। मामले की जांच के लिए 6 लोगों की SIT बनाई गई है। मासूम 4 जुलाई को लापता हुई थी। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि मासूम सहेली के लिए गिफ्ट खरीदने निकली थी। जब बच्ची घर नहीं लौटी तो परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। बाद में रविवार को उसकी लाश सूर्यपुर हाट इलाके के तालाब में मिली थी। उसके सिर पर चोट के निशान थे। पोस्टमॉर्टम में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने रेप के बाद उसे जिंदा ही तालाब में फेंका था। उसके फेफड़ो और पेट में पानी मिला। डूबने और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। बारुईपुर रेप-मर्डर पर सियासत जारी: ममता के घर पर भारी सुरक्षा तैनात घटना पर राजनीतिक विवाद भी गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसे भाजपा ने रूटीन सुरक्षा बताया है। एक आरोपी को भीड़ ने पीटकर मार डाला था इससे पहले रविवार को लड़की का शव मिलने के तुरंत बाद, भीड़ ने एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी, जिस पर लड़की के रेप और मर्डर में शामिल होने का शक था। इसकी पहचान इंद्रजीत तांती के रूप में हुई थी। पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज की जांच भी की, जिसमें लड़की को चार लोग ले जाते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस इन चारों की पहचान पुख्ता करने में जुट गई है। पुलिस ने बताया कि शुरुआती पोस्टमॉर्टम में लड़की के प्राइवेट पार्ट्स पर चोट के निशान और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर खरोंच और काटने के निशान मिले हैं। लड़की के सिर पर या तो किसी भारी चीज से वार किया गया था या उसे किसी सख्त सतह पर पटका गया था। जांच में यह भी पता चला कि सिर की चोट से बहुत ज्यादा खून बहने और डूबने के कारण उसकी मौत हुई। NCW ने एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सोमवार को बंगाल के DGP सिद्धार्थ नाथ गुप्ता से एक हफ़्ते के अंदर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने एक बयान में कहा कि ATR में न केवल इस भयानक अपराध की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि इसके बाद हुई भीड़ की हिंसा की घटनाओं का भी जिक्र होना चाहिए, जिसमें अपराध में शामिल होने के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, केंद्रीय बलों के जवानों पर हमला किया गया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई।

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