MP Police Promotion Update: डीजीपी की बैठक के बाद पदोन्नति प्रक्रिया अंतिम चरण में, आज जारी हो सकते हैं आदेश

निंदा, परिनिंदा और लंबित जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट; कार्यवाहक व्यवस्था समाप्त होने के संकेत

GlobalMirror.in | भोपाल | 10 जुलाई 2026

मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नति प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। पुलिस मुख्यालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद पदोन्नति से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पुलिस महानिदेशक (DGP) एवं विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) आदर्श कटियार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

निंदा और परिनिंदा को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण

बैठक में स्पष्ट किया गया कि पुलिस रेगुलेशन के तहत दी गई सामान्य ‘निंदा’ (Censure) को ‘परिनिंदा’ की श्रेणी में नहीं माना जाएगा। केवल वही परिनिंदा प्रभावी मानी जाएगी, जो कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) अथवा विभागीय जांच (Departmental Enquiry) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी गई हो।

आज जारी हो सकते हैं पदोन्नति आदेश

सूत्रों के मुताबिक, विभाग को 10 जुलाई तक पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर पदोन्नति आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि प्रक्रिया समय पर पूरी होती है, तो रेगुलर DSP, TI, SI, ASI और हेड कॉन्स्टेबल के पदोन्नति आदेश जारी किए जा सकते हैं। इसके साथ ही कार्यवाहक (Officiating) व्यवस्था भी समाप्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

इन मामलों में ही रुकेगी पदोन्नति

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि केवल निम्न परिस्थितियों में ही पदोन्नति को सीलबंद लिफाफा (Sealed Cover) प्रक्रिया में रखा जाएगा—

  • अधिकारी/कर्मचारी निलंबित हो।
  • विभागीय चार्जशीट जारी हो चुकी हो।
  • आपराधिक प्रकरण न्यायालय में लंबित हो।

इसके अलावा केवल प्राथमिक जांच या किसी अन्य प्रकार की लंबित जांच के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जाएगी।

सजा का प्रभाव आदेशानुसार ही माना जाएगा

यदि किसी कर्मचारी की वेतन वृद्धि एक वर्ष के लिए संचयी प्रभाव से रोकी गई है, तो उसका प्रभाव केवल उसी अवधि तक रहेगा। इसी प्रकार, पदावनति (Demotion) की स्थिति में भी दंड का प्रभाव केवल निर्धारित अवधि तक ही प्रभावी माना जाएगा।

ACR मूल्यांकन के लिए तय किया गया न्यूनतम मानक

पदोन्नति के लिए उपलब्ध 2024 अथवा 2025 की वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (ACR) में से जो उपलब्ध होगी, उसी के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। पदोन्नति के लिए न्यूनतम 12 अंक अनिवार्य होंगे।

रिक्त पदों के अनुसार होंगे प्रमोशन

सूत्रों के अनुसार, पदोन्नति आदेश 31 दिसंबर 2026 की रिक्तियों के आधार पर जारी किए जाएंगे। सभी पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति देने का प्रयास किया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी पदोन्नति नहीं लेना चाहता है, तो उसे इसके लिए पृथक आवेदन देना होगा।

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