राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर शताब्दी वर्ष का आगाज किया है। मेला मैदान में आयोजित बौद्धिक कार्यक्रम में संघ के प्रांत कार्यवाह हेमंत सेठिया ने वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। सेठिया ने पंच प्रण की विस्तृत जानकारी दी। इनमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य शामिल हैं। उन्होंने समाज में विभेद के विरुद्ध विमर्श को संघ का मूल उद्देश्य बताया। कार्यक्रम के बाद रात 8 बजे कौमुदी पथ संचलन का आयोजन हुआ। मेला मैदान से प्रारंभ हुआ यह संचलन पुराना बस स्टैंड से होते हुए बड़ौदा रोड पहुंचा। स्वयंसेवक घोष वाद्य की थाप पर गणवेश में मार्च करते दिखे। संचलन पुल दरवाजा, गणेश बाजार, मुख्य बाजार और गांधी पार्क से होकर श्रीरामतलाई हनुमान मंदिर क्षेत्र तक पहुंचा। विजयादशमी पर्व की तैयारियों के अंतर्गत निकाले गए इस संचलन में स्वयंसेवकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। सेठिया ने स्वयंसेवकों से सक्रियता बढ़ाने का आह्वान किया। शाखा स्तर पर टोलियां बनाकर पंच प्रण के आधार पर समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
श्योपुर में आरएसएस का कौमुदी पथ संचलन:संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम, पंच प्रण से समाज में बदलाव का लक्ष्य
