अमेरिका में अपने दूसरे कार्यकाल की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को करारा झटका लगा है। पिछले एक साल के दौरान अपने फैसलों से जनता को चौंकाने वाले राष्ट्रपति ट्रम्प को इस बार मतदाताओं ने चकित कर दिया है। न्यूयॉर्क में मेयर की दौड़ में राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा 2 राज्यों वर्जीनिया और न्यूजर्सी में गवर्नर के चुनाव में भी विपक्षी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इसके बाद अमेरिका के 50 राज्यों में से 24 राज्यों में डेमोक्रेटिक गवर्नर और 26 राज्यों में रिपब्लिकन गवर्नर हो जाएंगे। ट्रम्प की पार्टी का दबदबा कम होगा। साथ ही, अमेरिका में अगले साल नवंबर में होने वाले मिड-टर्म (मध्यावधि) चुनावों में राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है। वर्जीनिया में पहली बार महिला उम्मीदवार की जीत वर्जीनिया में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एबिगैल स्पैनबर्गर को 57.5 % वोट मिले। वे राज्य की पहली महिला गवर्नर बन गईं। यह गवर्नर चुनाव में किसी डेमोक्रेट के लिए सर्वाधिक वोट प्रतिशत भी है। इसके साथ ही इस चुनाव में कुल वोट की संख्या अब तक के सबसे अधिक दर्ज हुई। वहीं न्यूजर्सी में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार माइकी शेरिल ने 56.2 % वोट पाकर जीत हासिल की। पहली बार महिला प्रत्याशी को 50% से अधिक वोट मिले। यह सबसे खर्चीले गवर्नर चुनाव भी बना। इस बार 1,660 करोड़ रु. खर्च हुए। जिसने 2005 का ₹1,197 करोड़ रुपए खर्च वाला रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रचा। अगले साल मिड टर्म चुनावों में ट्रम्प को कड़ी चुनौती संभव नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनावों में राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं। उनके नेतृत्व वाले रिपब्लिकन दल को कांग्रेस में अपने बहुमत को बनाए रखने के लिए 9 महीनों से भी कम समय में जबरदस्त तैयारियां करनी पड़ेंगी। रिकॉर्ड है कि अमेरिका में मिड टर्म वोटिंग सत्ताधारी पार्टी के लिए कठिन होते हैं। यूक्रेन व गाजा युद्ध और टैरिफ वॉर के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए रिपब्लिकन पार्टी को चुनावों पर जीत के लिए बड़े फैसले लेने होंगे। चुनावों के नतीजों के बाद डेमोक्रेट नेताओं को जोश बढ़ा है और उनमें और ट्रम्प के बीच चल रहा गतिरोध बढ़ सकता है। एक ओर अमेरिका में अभी चल रहे संघीय शटडाउन ने इतिहास रच दिया है। यह अब तक 36 दिनों में प्रवेश कर गया है, जिससे यह अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन बन गया है। इस गतिरोध के कारण लगभग 9 लाख संघीय कर्मचारी वेतन रुके होने की स्थिति में हैं, 20 लाख कर्मी काम तो कर रहे हैं लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिला। ममदानी ने जीता न्यूयॉर्क मेयर चुनाव भारतीय मूल के डेमोक्रेट उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क मेयर का चुनाव जीत लिया है। उन्हें 50.4% वोट मिले। वे मानसून वेडिंग और सलाम बॉम्बे जैसी फिल्में डायरेक्ट करने वाली मीरा नायर के बेटे हैं। ममदानी पिछले 100 सालों में न्यूयॉर्क के सबसे युवा, पहले भारतवंशी और पहले मुस्लिम मेयर होंगे। अपनी विक्ट्री स्पीच में उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के 15 अगस्त, 1947 की आधी रात को दिए गए ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ का जिक्र किया। भाषण के बाद वे अपनी पत्नी के साथ ‘धूम मचा ले’ गाने पर झूमते नजर आए। मां मीरा नायर ने मंच पर आकर उन्हें गले लगा लिया। पिता महमूद ममदानी भी मौजूद रहे। पूरी खबर यहां पढ़ें… ममदानी को कभी घबराहट के दौरे पड़ते थे ‘मिस्टर कार्डमम’ के नाम से रैपर रह चुके ममदानी को 2017 में गंभीर क्लॉस्ट्रोफोबिया (बंद जगह में फंसने का डर) हुआ। सबवे (अंडरग्राउंड मेट्रो) में अंधेरी सुरंग में ट्रेन रुकने पर उन्हें घबराहट के दौरे आते थे। इस समस्या से लड़ने के लिए उन्होंने बिहेवियरल थेरेपिस्ट से मदद ली। थेरेपी के आखिरी सत्र में जब ट्रेन सचमुच सुरंग में रुक गई, तो थेरेपिस्ट ने मजाक में पूछा कि क्या तुमने यह ट्रेन रोकी है? आज भी ममदानी इमरजेंसी एंटी-एंजायटी दवा रखते हैं, पर उपयोग नहीं किया। ममदानी की जीत में पत्नी रमा दुवाजी (28) का साइलेंट रोल रहा। सीरियाई-अमेरिकी मूल की चित्रकार रमा, मंचों से दूर पर्दे के पीछे रहकर पति की चुनावी कैंपेन रणनीति, ब्रांडिंग और आकर्षक पोस्टर डिजाइन किए, जो काफी लोकप्रिय हुए। डेटिंग एप पर मुलाकात के बाद 2024 में कपल की शादी हुई। ममदानी अभी भी न्यूयॉर्क में किराए के मकान में रहते हैं। उनके पास कोई कार भी नहीं है। नेटवर्थ 1.77 करोड़ रुपए है।
ट्रम्प पहली सियासी परीक्षा में फेल:न्यूजर्सी और वर्जीनिया के गवर्नर चुनाव में पार्टी हारी; न्यूयॉर्क मेयर का चुनाव भी गंवाया
