अफगानिस्तान के उद्योग और वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी बुधवार को पांच दिन के भारत दौरे पर पहुंचे हैं। उनका यह दौरा पिछले महीने तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी के भारत दौरे के बाद हो रहा है। बुधवार को वे उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत दिल्ली में चल रहे इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) 2025 से की। दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO) के एमडी नीरज खारवाल ने उनका स्वागत किया। 2021 के बाद यह पहला मौका है जब कोई अफगान मंत्री ITPO के कार्यक्रम में शामिल हुआ है। ट्रेड फेयर में अजीजी ने अफगान स्टॉल्स का दौरा किया और भारत में मौजूद अफगान कारोबारियों से मुलाकात कर बाजार बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के व्यापार के लिए बॉर्डर बंद कर रखा है। कल जयशंकर से मिलेंगे अफगान मंत्री अजीजी की गुरुवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात तय है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाना है। अक्टूबर में हुए मुत्तकी के दौरे के दौरान भारत और अफगानिस्तान ने खनिज, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में निवेश संभावनाओं को तलाशने के लिए एक द्विपक्षीय व्यापार समिति बनाने पर सहमति जताई थी। भारत ने हाल ही में काबुल में अपना दूतावास फिर से पूरी क्षमता के साथ बहाल किया है। अफगानिस्तान अब खनन सहित कई प्रोजेक्ट्स में भारतीय निवेश चाहता है। भारत फिलहाल अफगानिस्तान के बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल है। भारत अफगानिस्तान को दवाइयां, कपड़े, चीनी, चाय, चावल और मशीनरी भेजता है, जबकि वहां से ड्राई फ्रूट, फल और मिनरल्स आयात करता है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान में व्यापार ठप अजीजी का यह दौरा पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान के साथ व्यापार ठप होने के बाद हो रहा है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ अपनी प्रमुख जमीनी सीमाएं बंद कर रखी हैं। इससे अफगान व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा असर फलों के निर्यात पर पड़ा है। अफगानिस्तान से पाकिस्तान को कोयला, साबुन पत्थर, मेवे और ताजे फलों का निर्यात होता है। जबकि अफगानिस्तान सीमेंट, दवाइयां, आटा, स्टील, कपड़े और सब्जियां पाकिस्तान से मंगाता है। सीमा बंद होने के बाद तालिबान सरकार ने अपने व्यापारियों को सलाह दी थी कि वे पाकिस्तान पर निर्भर न रहें और दूसरे देशों के साथ व्यापार बढ़ाएं। अजीजी ने व्यापारियों से मध्य एशियाई देशों की ओर रुख करने की अपील की है। ऐसे में अजीजी की भारत यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है। पाकिस्तान से 3 महीने में बिजनेस बंद करेगा अफगानिस्तान तालिबान सरकार के उपप्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के मुताबिक पाकिस्तान से व्यापार ठप होने से हर महीने करीब 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 1,700 करोड़ रुपए) का नुकसान हो रहा है। बरादर ने सीमा बंदी को ‘आर्थिक युद्ध’ करार दिया। उन्होंने पाकिस्तान से आने वाली दवाओं की खराब क्वालिटी की भी आलोचना की। साथ ही लेन-देन खत्म करने के लिए 3 महीने का समय दिया है। दोनों देशों के बीच तोरखम और स्पिन बोल्डक सहित पांच प्रमुख क्रॉसिंग एक महीने से ज्यादा से बंद हैं।
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