कर्नाटक के बेंगलुरु में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट और मनी लॉन्ड्रिंग केस का डर दिखाकर एक बुजुर्ग महिला से करीब 24 करोड़ रुपए ठग लिए। पुलिस ने मुंबई, प्रयागराज और दिल्ली से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक बैंक खाते से 60 लाख रुपए भी फ्रीज किए गए हैं। पीड़िता ने हाल ही में अपनी एक बड़ी प्रॉपर्टी बेची थी। ठगों को इसकी जानकारी मिल गई। जनवरी 2026 में ठगों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर महिला को कॉल किया और दावा किया कि उनके बैंक खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। ठगों ने महिला को डिजिटल अरेस्ट में होने की बात कहकर डराया। कहा कि जांच पूरी होने तक वह परिवार या किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क नहीं करें। इसके बाद जनवरी से मई के बीच महिला से अलग-अलग 22 बैंक खातों में करीब 24 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए। सोना बेचने गई तो मामले का खुलासा हुआ ठग करोड़ों रुपए लेने के बाद भी ठग लगातार और पैसे मांगते रहे। जब कैश खत्म हो गया तो महिला 1.30 किलो सोने के गहने गिरवी रखकर फंड जुटाने बैंक पहुंचीं। असामान्य लेन-देन देखकर बैंक अधिकारियों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद ठगी का खुलासा हुआ। फर्जी इंटरव्यू से आंखें स्कैन कर ठग आधार में मोबाइल नंबर बदल रहे साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका निकाला है। नौकरी के ऑनलाइन इंटरव्यू या ई-केवाईसी के बहाने वे लोगों की आंखों की पुतलियों (आइरिस) और चेहरे का डेटा रिकॉर्ड कर लेते हैं। फिर एआई से ऐसा वीडियो बनाते हैं, जो असली जैसा दिखे। इसी के जरिए आधार में मोबाइल नंबर बदलवाने की कोशिश की जा रही है। नंबर बदलते ही आधार से जुड़े ओटीपी अपराधियों के पास पहुंचने लगते हैं और बैंकिंग से लेकर डिजिलॉकर तक पर खतरा बढ़ जाता है। कई शिकायतों के बाद साइबर क्राइम ब्रांच ने एडवाइजरी जारी की है। CSC के जरिए होता है आधार अपडेट, वहीं से हो रही सेंधमारी क्राइम ब्रांच की पड़ताल के मुताबिक, ठग आधार अपडेट करने वाले कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) में सेंध लगा रहे हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, अपराधी चोरी की लॉगिन आईडी, फर्जी एजेंट नेटवर्क या अंदरूनी मिलीभगत से सिस्टम तक पहुंच रहे हैं। इस बढ़ते फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार अब सीएससी और आधार अपडेट सिस्टम की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। इंटरव्यू के बहाने कैसे फंसी युवती जयपुर की 28 साल की युवती को एक निजी कंपनी के नाम से फर्जी ऑनलाइन इंटरव्यू का लिंक भेजा गया। वीडियो कॉल पर ‘फेस वेरिफिकेशन’ के नाम पर ठगों ने उसका चेहरा अलग-अलग एंगल में घुमवाया और आंखें झपकवाईं। इंटरव्यू के बाद कोई जवाब नहीं आया, लेकिन कुछ दिन बाद युवती के मोबाइल पर ई-केवाईसी और डिजिटल वॉलेट एक्टिवेशन के मैसेज आने लगे। जांच में खुलासा हुआ कि ठगों ने रिकॉर्ड किए गए डेटा से एआई बेस्ड फेस डीपफेक तैयार कर फर्जी डिजिटल अकाउंट खोलने की कोशिश की थी। —————————— ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट ने ₹54000 करोड़ की साइबर ठगी को डकैती-लूट बताया, ये रकम कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल फ्रॉड से हुई 54 हजार करोड़ की ठगी को डकैती और लूट बताया। कोर्ट ने कहा कि यह रकम कई छोटे राज्यों के बजट से भी ज्यादा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इससे निपटने के लिए गाइडलाइन बनाने को कहा है। पूरी खबर पढ़ें…
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