राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि केशव बलिराम हेडगेवार ने देश को विदेशी शासन से आजाद कराने और हिंदुओं के बीच फूट को खत्म करने के मकसद से RSS की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि हेडगेवार का मानना था कि समाज में एकता की कमी ही बार-बार गुलामी की बड़ी वजह रही। संघ प्रमुख ने कहा कि हेडगेवार ने ब्रिटिश शासन को खत्म करने के लिए राजनीतिक और हथियारबंद विरोध समेत कई रास्तों पर काम किया था। भागवत ने कहा कि आजादी के लिए काम करते हुए हेडगेवार को यह एहसास हुआ कि अंग्रेज भारतीयों को गुलाम बनाने वाले पहले बाहरी शासक नहीं थे। उनके मुताबिक, समस्या सिर्फ बाहर से आने वाली ताकत नहीं थी, बल्कि समाज के भीतर भी एक कमी थी। भागवत शनिवार को तेलंगाना के निजामाबाद जिले के कंडाकुर्थी गांव में श्री केशव स्फूर्ति मंदिर के उद्घाटन के बाद बोल रहे थे। यह गांव हेडगेवार का पैतृक गांव है। उन्होंने कहा- हममें कोई कमी थी, जिसकी वजह से हमें बार-बार हार का सामना करना पड़ा। इसलिए उस कमी को दूर करना जरूरी था। भागवत की स्पीच की 4 बातें… मोहन भागवत के पिछले 3 बड़े बयान… 19 मार्च: नागरपुर में बोले- RSS को 86 संभागों में बांटेंगे, काम का तरीका नहीं बदलेगा मोहन भागवत ने कहा कि RSS का काम बहुत तेजी से बढ़ रहा है और लोगों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं, इसलिए अब काम को अलग-अलग हिस्सों में बांटने विकेंद्रीकरण की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवकों को मजबूत बनाने और काम बेहतर करने के लिए संगठन में बदलाव किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… 8 फरवरी: मुंबई में कहा- संघ कहे तो पद छोड़ दूंगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यदि संघ उनसे पद छोड़ने को कहेगा, तो वे तुरंत ऐसा करेंगे। आमतौर पर 75 साल की उम्र के बाद किसी पद पर नहीं रहने की परंपरा की बात कही जाती है। RSS प्रमुख ने कहा कि सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो हिंदू संगठन के लिए काम करता है। वही सरसंघचालक (RSS प्रमुख) बनता है। पूरी खबर पढ़ें… 7 फरवरी: संघ प्रमुख बोले- भारत में रहने वाले सभी हिंदू संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में हिंदू ही है और कोई है ही नहीं। किसी खास रस्म या प्रार्थना से जुड़े धर्म को नहीं दिखाता है, न ही यह किसी खास समुदाय का नाम है। RSS किसी के खिलाफ नहीं है और न ही उसे सत्ता या पावर की इच्छा है। संघ राजनीति में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, हालांकि संघ के कुछ लोग राजनीति में सक्रिय हैं। भागवत ने कहा कि बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई आरएसएस के प्रधानमंत्री है। उनकी पॉलिटिकल पार्टी बीजेपी अलग है। उसमें बहुत स्वयंसेवक है, लेकिन संघ की नहीं। संघ के स्वयंसेवक उसमें हैं। पूरी खबर पढ़ें… ——————————– ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भाजपा को RSS कंट्रोल नहीं करता, संघ को पार्टी के नजरिए से देखना गलत RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भाजपा या विश्व हिंदू परिषद के नजरिए से आरएसएस को समझना गलत है। सभी स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और संघ किसी (भाजपा) को कंट्रोल नहीं करता। संघ का उद्देश्य सत्ता, टिकट या चुनाव नहीं, बल्कि समाज की गुणवत्ता और चरित्र निर्माण है। पूरी खबर पढ़ें…
Related Posts
MP में UCC लागू करने की दिशा में बड़ा कदम: कैबिनेट ने दी मंजूरी, विधानसभा में पेश होगा विधेयक
भोपाल | Global Mirror Desk मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की…
अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच होगी:CM धामी ने सिफारिश की, कांग्रेस बोली- सरकार ने अपनी गलती मानी
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच अब CBI कर सकती है। आज सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई…
बांग्लादेश में हिंदुओं पर ईशनिंदा से जुड़े 71 हमले:इनमें एक जैसा पैटर्न- पहले सोशल मीडिया पर आरोप, फिर भीड़ का हिंदू इलाकों पर हमला
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ ईशनिंदा यानी धर्म का अपमान करने के आरोपों से जुड़े मामलों में तेजी से…